नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में अगले माह जी20 सम्मेलन होने जा रहा है। इसे लेकर सभी महकमे तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजन के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने भी अपना पूरा दम लगाया हुआ है, लेकिन इसके विपरीत दिल्ली पुलिस भारी संख्या में कर्मियों की कमी से जूझ रही है।
मौजूदा समय में दिल्ली पुलिस में सभी स्तरों के 94254 अधिकारियों व कर्मियों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल अभी यहां करीब 80 हजार कर्मी ही काम कर रहे हैं। इनमें भी बड़ी में कर्मी रोज किसी न किसी वजह से छुट्टी पर रहते हैं। मौजूदा स्थिति के अनुसार फोर्स में 15 फीसदी से ज्यादा पद रिक्त हैं।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2023 के शुरुआती छह माह में राजधानी में ऑनलाइन-ऑफलाइन कुल 117646 मामले दर्ज हुए, जबकि पुलिस महज 28587 मामलों को ही सुलझा पाई यानी हर दिन औसतन 650 मामले दर्ज हो रहे हैं जबकि पुलिस औसतन महज करीब 158 केस ही सुलझा पा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस फोर्स की कमी इसकी एक बड़ी वजह है।
अधिकारियों का कहना है कि अमूमन जघन्य अपराध को गंभीरता से लेते उनको जल्द सुलझाने की कोशिश की जाती है, लेकिन उनके चक्कर में दूसरे किस्म के अपराध समय गुजरने के साथ जांच अधिकारी की फाइल में दम तोड़ देते हैं। दूसरी ओर पुलिस फोर्स की कमी से मौजूदा कर्मियों पर काम का दबाव अधिक बढ़ जाता है।
3000 से ज्यादा कर्मी हर साल हो जाते हैं सेवानिवृत्त
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि हर साल दिल्ली पुलिस में औसतन 3000 से ज्यादा कर्मी सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जितने कर्मी रिटायर होते हैं, उसकी तुलना में भर्ती कम ही हो पाते हैं। दरअसल किसी भी पद पर पूरी भर्ती प्रक्रिया में एक साल या उससे अधिक का समय लग जाता है, ऐसे में पुलिसकर्मियों की संख्या कम होती जाती है।
खाली पड़े पदों की संख्या पर गौर करें तो पुलिस की रीढ़ कहे जाने वाले सिपाहियों और हवलदारों के 10742 पद खाली पड़े हैं। 1950 सब इंस्पेक्टर के पद भी खाली हैं। इसके विपरीत विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त के पदों पर स्वीकृत पदों से ज्यादा अधिकारी फिलहाल तैनात हैं।
जांच के अलावा भी पुलिस करती है यह काम
- सड़कों पर बैरिकेडिंग कर जांच-पड़ताल
- धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैलियों में विशेष इंतजाम
- वीवीआईपी रूट पर तैनाती
- राजधानी में ट्रैफिक मैनेजमेंट की भी जिम्मेदारी
- जिन लोगों को जान का खतरा, उनकी सुरक्षा में तैनात रहती है







