नई दिल्ली : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया में कई नए फैसले लिए हैं, जिनमें पोस्टल बैलट की गिनती को ईवीएम की पहले 2 राउंड की गिनती से पहले पूरा करना अनिवार्य किया गया है। मतदान समाप्त होने पर प्रिजाइडिंग अफसर पोलिंग एजेंटों को फॉर्म 17सी प्रदान करते हैं। EVM गिनती पूरी होने के बाद अगर फॉर्म 17सी और ईवीएम के आंकड़ों का मिलान सुचारू रूप से होता है तो ठीक, लेकिन किसी भी विसंगति की स्थिति में संबंधित ईवीएम के सभी वीवीपीएटी स्लिप्स की गिनती काउंटिंग एजेंटों के सामने कराई जाएगी। इसके अलावा, हारने वाले किसी भी उम्मीदवार को 7 दिनों के भीतर निर्धारित शुल्क पर अपनी EVM की जांच कराने का मौका होगा।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को हिंसा-मुक्त और दबाव-मुक्त वातावरण में कराने की मजबूत प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। चुनाव आयोग ने पिछले दो दिनों से राज्य में चुनाव तैयारियों की समीक्षा की है और सभी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा है। ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग पूरे राज्य में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बूथ स्तर के अधिकारियों से चर्चा
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, जिनमें 210 सामान्य, 68 अनुसूचित जाति और 16 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं को प्रतीकात्मक रूप से मतदाता पहचान पत्र भी वितरित किए। चुनाव आयुक्तों सुक्खबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ ज्ञानेश कुमार पश्चिम बंगाल में तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उन्होंने बूथ स्तर के अधिकारियों से चर्चा की और चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया है ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
दक्षिणेश्वर मंदिर में पूजा के बाद बाहर पत्रकारों से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोहराया कि चुनाव आयोग गैर-हिंसक और गैर-दबावपूर्ण चुनाव कराने के लिए कटिबद्ध है। चुनाव आयोग ने अपनी आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि CEC ने मां काली से आशीर्वाद लिया है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई 2026 में होने की संभावना है, हालांकि आधिकारिक तारीख जल्द घोषित होने वाली है।
TMC कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
दक्षिणेश्वर काली मंदिर के गेट पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने काले झंडे और ‘गो बैक ज्ञानेश कुमार’ लिखे बैनर लहराए। यह विरोध मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और टीएमसी के बीच चल रहे विवाद के कारण हुआ। टीएमसी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए विरोध जताया है। इस बीच, चुनाव आयोग ने दावा किया है कि मतदाता सूची का संशोधन निष्पक्ष तरीके से किया गया है।







