Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

कैसे केजरीवाल ने गुजरात चुनावों को ‘आप’ बनाम भाजपा में बदला?, जानें

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 25, 2022
in दिल्ली, राज्य, विशेष
A A
AAP' Vs BJP
26
SHARES
859
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली l दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस सप्ताह की शुरुआत में गुजरात के वडोदरा हवाईअड्डे पर पहुंचने पर उस समय विचित्र स्थिति देखने को मिली, जब एक तरफ कुछ युवाओं का समूह ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाता दिखा, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) समर्थकों ने ‘केजरीवाल-केजरीवाल’ के नारे लगाए। भाजपा शासित गुजरात में इस साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं।

केजरीवाल ने बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”भाजपा के बारे में तो स्पष्ट है कि वे लोगों को लाकर मेरे खिलाफ नारे लगवाएं क्योंकि इस बार उन्हें बहुत नुकसान होने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि जब राहुल गांधी आए तो उन्होंने उनके (राहुल) खिलाफ नारे नहीं लगाए।”

इन्हें भी पढ़े

swami vivekananda

स्वामी विवेकानंद के विचार जो दिखाते हैं सफलता की राह, आज भी करते हैं युवाओं को प्रेरित

January 12, 2026

दिल्ली में 14 जनवरी को होगा राष्ट्रीय उत्तरायणी महोत्सव का भव्य आयोजन

January 12, 2026

उत्तराखण्ड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

January 12, 2026
Grand Hindu conferences

हिन्दू समाज की एकता, संस्कृति और आत्मगौरव के लिए नोएडा में भव्य हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन

January 12, 2026
Load More

चुनाव नजदीक आने के बीच राजनीतिक पर्यवेक्षकों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले सर्वेक्षणकर्ताओं का कहना है कि केजरीवाल गुजरात चुनाव को भाजपा बनाम ‘आप’ के नैरेटिव में बदलने में कामयाब रहे हैं, क्योंकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस अधिक सक्रिय नजर नहीं आ रहा है।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर संदेह जताया कि केजरीवाल और ‘आप’ इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान इस विमर्श से चुनावी लाभ हासिल करने में कामयाब होंगे।

कांग्रेस का सक्रिय नजर नहीं आना केजरीवाल के लिए मददगार

एक सर्वे एजेंसी के लिए आंकड़े एकत्र करने वाले सर्वेक्षणकर्ता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, ”आम आदमी पार्टी के आक्रामक चुनाव अभियान और कांग्रेस का अब तक अधिक सक्रिय नजर नहीं आना, केजरीवाल के लिए गुजरात चुनाव को भाजपा बनाम ‘आप’ के विमर्श में बदलने में मददगार साबित हुआ है।”

उन्होंने कहा कि ‘आप’ भी वही रणनीति अपना रही है जो भाजपा चुनाव के दौरान अपनाती है, जिसके तहत प्रतिद्वंद्वियों से तकरार, पलटवार और आक्रामक चुनाव प्रचार अभियान, प्रवक्ताओं और सोशल मीडिया के जरिये मतदाताओं तक वांछित संदेश भेजना शामिल है। पिछले महीने, ‘आप’ ने अपने चुनाव अभियान को गति देने के लिए 1,100 से अधिक ”सोशल मीडिया वॉरियर्स” को नियुक्त किया।

कांग्रेस की प्राथमिकता अभी स्पष्टता नहीं

चुनाव सर्वेक्षण एजेंसी ‘सी-वोटर’ के संस्थापक यशवंत देशमुख ने कहा कि एक तरफ जहां केजरीवाल कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उनकी पार्टी गुजरात में आक्रामक रूप से प्रचार कर रही है, वहीं कांग्रेस की प्राथमिकता स्पष्ट नहीं है क्योंकि पार्टी अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में व्यस्त है। देशमुख ने कहा कि वे इतनी बड़ी गतिविधि (यात्रा) में व्यस्त हैं और सबसे महत्वपूर्ण राज्य गुजरात से चूक रहे हैं, जहां वे 27 साल से सत्ता से बाहर हैं और अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं।

जुलाई के बाद से ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने लगभग हर हफ्ते गुजरात का दौरा किया है और वे अपनी पार्टी के प्रचार अभियान का नेतृत्व करने के साथ ही तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पांच महीने में सिर्फ दो बार गुजरात का दौरा किया है। वह राज्य के आदिवासी बहुल दाहोद जिले में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करने के लिए मई में एक बार गुजरात गए थे।

5 सितंबर को, उन्होंने अहमदाबाद में अपनी पार्टी की ‘परिवर्तन संकल्प रैली’ को संबोधित किया था और कई चुनावी वादे किए थे, जिनमें से कुछ की घोषणा – हर घर में 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 10 लाख युवाओं को नौकरी, खेत कर्जमाफी – राज्य के लोगों को ‘आप’ की गारंटी के रूप में केजरीवाल ने पहले ही कर दी थी।

केजरीवाल ने 1 अप्रैल की शुरुआत में गुजरात में अपनी पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत की थी, जब उन्होंने अहमदाबाद में एक रोड शो किया था, जिसमें पंजाब में आप की शानदार जीत थी। अपनी बाद की यात्राओं में, उन्होंने मतदाताओं के लगभग हर वर्ग- युवाओं, महिलाओं, किसानों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और ऑटो-रिक्शा चालकों को लक्षित करते हुए राज्य के लोगों को गारंटी देने का वादा किया।

केजरीवाल को गुजरात में मिली ‘एक उपजाऊ जमीन’

सबसे पुरानी पार्टी 27 वर्षों में भाजपा को सत्ता से हटा नहीं पाई है। देशमुख ने कहा कि केजरीवाल ने गुजरात में ‘एक उपजाऊ जमीन’ पाई है क्योंकि राज्य में लगभग हर चौथे मतदाता ने कभी कांग्रेस शासन नहीं देखा है और इसलिए, तीसरे पक्ष द्वारा पेश किए गए नए अभियान, सुझाव और परिवर्तन का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि गुजरात में दो पीढ़ियों ने केवल भाजपा शासन देखा है और वे अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन, कांग्रेस के साथ समस्या यह है कि वह कल्पना और आक्रामकता की कमी के कारण इस समय इस 25 प्रतिशत ब्लॉक को पकड़ने में असमर्थ है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल राज्य में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की अनुपस्थिति से पैदा हुए खालीपन को भरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि कांग्रेस अभी भी ‘आप’ से काफी आगे है और यह मुकाबला कांग्रेस बनाम ‘आप’ है। लेकिन, वर्तमान में केजरीवाल को जिस तरह का आकर्षण मिल रहा है, गुजरात वह देखा जा सकता है, जो पंजाब ने पांच साल पहले देखा था, जब ‘आप’ के प्रयासों ने भाजपा और उसके सहयोगियों को सत्ता से बाहर करने में मदद की थी, लेकिन वह उसे सत्ता में नहीं ला सकी थी। उसमें कांग्रेस विजयी हुई थी, जबकि ‘आप’ को मुख्य विपक्षी दल के रूप में समझौता करना पड़ा था।

गुजरात में त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार

वहीं, लोकनीति-सीएसडीएस के सह-निदेशक और प्रसिद्ध चुनाव विज्ञानी संजय कुमार ने कहा कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को कुछ आकर्षण मिल रहा है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि गुजरात चुनाव ‘आप’ और भाजपा के बीच की लड़ाई होगी। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े शहरों और मतदाताओं के कुछ वर्गों में (आप) की चर्चा है, लेकिन ‘आप’ ने अभी छोटे शहरों और ग्रामीण गुजरात की यात्रा नहीं की है। मैं गुजरात में तीनतरफा मुकाबला देख रहा हूं।

हालांकि, गुजरात के स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक दर्शन देसाई इस विश्लेषण से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ ग्रामीण गुजरात में अपना जनाधार बढ़ाने में कामयाब रही है। वास्तव में उन्होंने ग्रामीण गुजरात से शुरुआत की और फिर शहरों में आए।

2017 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने कुल 182 सीटों में से 99 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी, जबकि कांग्रेस ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी। ​बाद में कई कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। AAP, जिसने 2017 के चुनावों में 29 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा किए थे, लेकिन तब वह अपना खाता तक नहीं खोल सकी थी। इस बार भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की उम्मीद में ‘आप’ सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कमर कस रही है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india economy

भारत की उड़ान… दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, 4.18 ट्रिलियन डॉलर की ताकत !

May 27, 2025

तेल के खेल में नया खेला!

July 11, 2022
Akhilesh Rahul Gandhi

कांग्रेस के ‘सॉरी’ से नरम पड़े अखिलेश के तेवर, राहुल ने बदला गेम प्लान

October 23, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • SC/ST आरक्षण में भी लागू हो क्रीमी लेयर, PIL में कैसी-कैसी दलील
  • WPL में 3 दिन बिना दर्शकों के खेला जाएगा मैच? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
  • CPEC पर बीजिंग का भारत को सीधा जवाब, कश्मीर पर पुराना रुख बरकरार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.