एलन मस्क के मालिकाना हक वाली अमेरिकी ऑटोमोबाइल कंपनी टेस्ला (Tesla) को भारत सरकार की तरफ से बड़ा झटका लगा है. भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वो टेस्ला के लिए किसी भी शुल्क छूट पर फिलहाल विचार नहीं किया जा रहा है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ने सरकार का रुख साफ कर दिया है.
रेवेन्यू सेक्रेटरी ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की टैक्स छूट का मामला भारत सरकार के समक्ष विचाराधीन नहीं है. दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में ये बात सामने आई थी कि जल्द ही टेस्ला भारत में अपनी सबसे सस्ती मॉडल-3 कार लॉन्च कर सकती है. जिसकी कीमत यहां लगभग 20 लाख रुपये के आसपास हो सकती है. हालांकि, संजय मल्होत्रा ने इस बात का खंडन कर दिया है.
मस्क ने क्या कहा था?
इससे पहले PM मोदी से मुलाकात के दौरान मस्क ने उनकी खूब तारीफ की थी. इस दौरान मस्क ने कहा था कि टेस्ला भारत में निवेश करने वाली है. मस्क ने बताया था कि वो जल्द ही भारत आएंगे. उन्होंने कहा था,
”PM मोदी भारत के लिए सही चीजें करना चाहते हैं. वो खुलकर नई कंपनियों का समर्थन करना चाहते हैं और ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ये भारत के लिए फायदेमंद हो. मुझे भरोसा है कि टेस्ला भारत पहुंचेगी, और यह जल्द से जल्द संभव होगा.”
क्या चाहती है टेस्ला?
दरअसल, काफी समय से टेस्ला और भारत सरकार के बीच इंडिया में इनवेस्टमेंट को लेकर बातचीत होती आई है. मस्क टेस्ला की फैक्ट्री भारत में लगाना चाहते हैं. लेकिन टेस्ला ने इंपोर्टेड इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कस्टम ड्यूटी में छूट की मांग की है. हालांकि, भारत सरकार इस मांग को लगातार खारिज करती रही है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार और टेस्ला के बीच पिछले साल बातचीत रुक सी गई थी. क्योंकि सरकार ने टेस्ला को प्रस्ताव दिया था कि वो लोकल स्तर पर कार की मैन्युफैक्चरिंग करे. लेकिन टेस्ला पहले कार एक्सपोर्ट करना चाहती थी, ताकि वो यहां की मांग को समझ सके.
हालांकि, कुछ महीने पहले हुई बैठक के बातचीत आगे बढ़ती नजर आई. टेस्ला ने इस बैठक में भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने के लिए फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव दिया था. साथ ही वो EV बैट्रियों का उत्पादन भी करना चाहते थे. तब सरकार की तरफ से कहा गया था कि जब ऐसी चर्चा होती है तो आप सिर्फ कार के बारे में बात नहीं करेंगे. सरकार के मुताबिक, उस बैठक में कार से लेकर एनर्जी और मैन्यूफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी पर भी बातचीत हुई थी. वहीं साल 2015 के USA दौरे के वक्त प्रधानमंत्री मोदी टेस्ला मोटर्स के हेडक्वार्टर भी गए थे. प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर दो तस्वीरें पोस्ट की थीं. लिखा था कि बैटरी टेक्नोलॉजी किस तरीके से किसानों की मदद कर सकती है, इस पर चर्चा हुई.







