पटना। बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने बीजेपी के शांतिपूर्ण विधानसभा मार्च पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने कहा कि सांसद, विधायक, विधान पार्षद समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गंभीर रूप से चोट लगी है। कइयों के हाथ टूट गये हैं तो कइयों के पैर टूट गये हैं। कुछ नेताओं के सिर भी फटे हैं। जहानाबाद के जिला महामंत्री विजय कुमार सिंह की पुलिस की पिटाई से मौत हो गयी है। यह बेहद दुखद घटना है, जबकि भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे फिर भी प्रशासन प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी पर लाठियां चलाई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी गुंडों ने बीजेपी के निहत्थे लोगों को जानवरों की तरह पीटा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव सत्ता के नशे में चूर हैं। जिस तरह जहानाबाद के बीजेपी नेता विजय सिंह की पुलिस की पिटाई से मौत हुई है, उसके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पूर्व मंत्री जनार्दन प्रसाद सिग्रीवाल को भी गंभीर चोट लगी है। पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह पर भी डंडे बरसाए गए। मधुबनी के सांसद अशोक यादव, कुढ़नी के विधायक केदार गुप्ता सहित दर्जनों विधायक भी गंभीर चोट लगी है।
वहीँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद के समय जंगलराज की उत्पति हुई थी और आज नीतीश कुमार और तेजस्वी से जंगलराज रिटर्न ला रहे है। भाजपा के विधानसभा मार्च के दौरान हुए लाठी चार्ज और जहानाबाद के महामंत्री विजय सिंह के निधन के बाद प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में श्री चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार जी जब से ममता बनर्जी जी के संरक्षण में गए हैं तब से पश्चिम बंगाल की तरह यहां भी लोकतंत्र खत्म करने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा ने एक वीर साथी गंवाया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि नीतीश कुमार जी और तेजस्वी यादव जी के कारण महामंत्री विजय सिंह जी की हत्या हुई है। उन्होंने इसे लेकर सरकारी बयान और डॉक्टरों के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अभी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि आज की बर्बरतापूर्ण कारवाई की चर्चा करते हुए कहा कि किसी के 12 टांके, तो किसी को 15 टांके लगे है। माननीय एमपी जनार्दन प्रसाद सिग्रीवाल जी को वाई प्लस सुरक्षा है उन्हे भी पुलिस मारकर अस्पताल पहुंचा दिया। हजारों कार्यकर्ताओं को पीटा गया।
उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए आगे कहा कि नीतीश बाबू, आप न 10 लाख नौकरी दे सकते है न बिहार में सुशासन कर सकते है और न भ्रष्टाचार समाप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सात – सात मंत्रियों पर आरोप लगने के बाद इस्तीफा लेने वाले सीएम का दिन ऐसा खराब हो गया कि एक उप मुख्यमंत्री से इस्तीफा नहीं मांग सकते।







