नई दिल्ली: दोस्ती ने कर दिया तबाह! खबर ऑनलाइन स्कैम से जुड़ी है. जहां एक WHO के रिटायर हेल्थ ऑफिसर डिजिटल ठगी का शिकार हो गए. उनके साथ 26 जुलाई से 31 जुलाई के बीच कुल 3.56 लाख रुपये की लूट हुई, जिसे उनकी मर्जी से अंजाम तक पहुंचाया गया. इस हैरतअंगेज स्कैम में साइबर क्रिमिनल्स ने खुद को पीड़ित का दोस्त बताया और मदद के नाम पर स्कैम को अंजाम दिया. ताज्जुब की बात तो ये थी कि, महज एक अक्षर के आधार पर इस पूरे स्कैम को किया गया…
तारीख थी 26 जुलाई 2023, 78 साल के WHO के रिटायर हेल्थ ऑफिसर को johnpmeneze@gmail.com नाम के एक अकाउंट से ईमेल रिसीव होता है. क्योंकि रिटायर ऑफिसर का हूबहू इसी नाम का एक दोस्त भी था, तो वो उस अकाउंट को अपना दोस्त johnpmenezes@gmail.com मानकर यकीन उसपर कर लेते हैं. हालांकि वो ध्यान नहीं देते कि रिसीव हुए ईमेल वाले अकाउंट आईडी और उनके दोस्त की असल आईडी में एक S अक्षर का फर्क है.
अब वो फर्जी अकाउंट रिटायर ऑफिसर को बताता है कि उसके बेटे की बहू का एक बच्चा हुआ है, जिसपर पीड़ित उसे बधाई देते हैं. इसके बाद एक और अन्य ईमेल में वो लंदन से इंडिया आने की फ्लाइट छूट जाने का जिक्र करते हुए कुछ रुपये की मदद के तौर पर मांगता है, साथ ही बताता है कि उसकी पत्नि की तबियत भी खराब है. ऐसे में यहां रिटायर ऑफिसर उसकी इस बात पर यकीन कर लेते हैं, और दोस्ती का फर्ज निभाते हुए उसकी मदद करते हैं.
जब एक बार रिटायर्ड ऑफिसर स्कैमर की चंगुल में उलझ जाता है, तो वो एक के बाद एक 26 जुलाई से 31 जुलाई के बीच में उन्हें कुल 3.56 लाख रुपये ट्रांसफर करवाते हैं, जिसे पीड़ित Kotak Mahindra के अकाउंट से ट्रांसफर करते हैं. लाखों की लूट हो जाने के बाद आखिरकार उन्हें उनके साथ हुई लूट का भनक लगती है, और वो पुलिस में ये मामला दर्ज करवाते हैं. फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है…







