नई दिल्ली. जी20 समिट के आयोजन में अब एक सप्ताह से कुछ ही अधिक वक्त बचा है. तमाम बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष की मौजूदगी को देखते हुए जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. इसी बीच खबर है कि दिल्ली पुलिस को चेन और बोल्ट कटर भी दिए जा रहे हैं. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इन उपकरणों का सुरक्षा व्यवस्था में क्या इस्तेमाल होगा? आखिर क्यों पुलिस को ये दिए जा रहे हैं? आइये हम आपको इसके पीछे की कहानी बताते हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इंटेलिजेंस इनपुट मिले हैं कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिन के विरोध में तिब्बत के लोग जी20 समिट के दौरान प्रदर्शन कर सकते हैं. बड़ी संख्या में तिब्बत के लोग दिल्ली में रहते हैं. चीन पर तिब्बत के अवैध कब्जे को देखते हुए माना जा रहा है कि दिल्ली में शी जिनपिन का भारी विरोध हो सकता है. इसी तर्ज पर इनपुट हैं कि बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी उनके होटल के बाहर संभव है. यही वजह है कि दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली में तमाम आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं.
चेन-बोल्ट कटर का कैसे इस्तेमाल करेगी पुलिस?
रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी देशों में अक्सर यह देखा गया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लोग खुद को ऐसी किसी लोहे की चीज से बांध लेते हैं ताकि पुलिस उन्हें मौके से ना हटा सके और वो वहीं डटे रहकर अपना विरोध जारी रख सकें. ऐसी स्थिति में पुलिस के पास कोई जरिया नहीं होता, जिससे वो इन प्रदर्शन कारियों को तुरंत वहां से हटा पाएं. बोल्ट और चेन कटर की मदद से पुलिस की मंशा तुरंत ऐसी हथकड़ी और लोहे की चीज को काटने की है, ताकि इन जिद्दी प्रदर्शनकारियों को ज्यादा वक्त तक वहां डटे रहने से रोका जा सके.
एंटी रॉयट्स वाहनों की तैनाती
पुलिस आयोजन स्थल के समीप विक्रांत नामक विशेष वाहनों की तैनाती करेगी, जिसमें एंटी-रॉयट्स इक्यूपमेंट मौजूद रहेंगे. वैन्यू के पास छह लोकेशन पर ऐसे ट्रक तैनात किए जाएंगे. इन ट्रकों में 100 पुलिसकर्मियों के लिए उपकरण मौजूद रहेंगे. पुलिस की कोशिश घटनास्थल पर खुद की जान देने का प्रयास करने वाले लोगों को रोकने की भी है.







