नई दिल्ली : क्या दिल्ली सरकार पुरानी शराब नीति को ही आगे बढ़ाएगी. इस तरह के सवालों के बीच अरविंद केजरीवाल सरकार ने पुरानी शराब नीति को ही अगले 6 महीने तक बढ़ा सकती है. दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2023-24 की ड्राफ्टिंग के लिए 6 महीने का समय मिला था (delhi excise policy 2023-24) लेकिन पॉलिसी न बन पाने की वजह से पुरानी नीति को आगे बढ़ाए जाने पर सरकार आगे बढ़ रही है. बता दें कि मौजूदा शराब नीति जो अमल में है उसकी अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो रही है.
विवादों में रही है दिल्ली सरकार की शराब नीति
रिपोर्ट के मुताबिक पहले फाइल दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और आगे की मंजूरी के लिए एलजी वी के सक्सेना को फाइल भेजी जाएगी. दोनों की मंजूरी के बाद अगले 6 महीने के लिए ही लाइसेंस को रिन्यू किया जाएगा. पुरानी एक्साइज पॉलिसी को पहले 6 महीने के लिए लागू किया गया था इस बीच सरकार को निर्देश थे कि वो 2023-24 के लिए एक्साइज पॉलिसी(delhi excise policy) बनाए. बता दें कि स्कैम के बाद नई शराब नीति(delhi excise policy scam) की जगह दिल्ली सरकार ने जब दोबारा पुरानी नीति को अमल में लाने का फैसला किया उस वक्त विपक्षी दलों ने कहा था कि कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ था.
दिल्ली में शराब की इतनी दुकानें
अगर दिल्ली में शराब के दुकानों की बात करें तो कुल 652 दुकानें हैं जिनका संचालन डीएसआईडीएस, डीटीटीडीसी, डीएससीएससी और डीसीसीडब्ल्यूएस के जरिए संचालित की जा रही है. इन सबके बीच 48 प्रीमियन दुकानों से भी शराब मिल रही है जिन्हें मॉल्स और बड़े बाजारों में खोला गया है. अगर शराब से होने वाली बिक्री की बात करें तो दिल्ली सरकार को पिछले एक साल में करीब 7285 करोड़ की कमाई हुई है.







