शिमला। खांसी, जुकाम, उच्च रक्तचाप, शुगर, दस्त, टायफायड, एलर्जी, जलन, मल्टीविटामिन, आयरन व फालिक एसिड सहित आंखों में संक्रमण की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने सितंबर में लिए सैंपल की रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें हिमाचल की 13 फार्मा कंपनियों की 16 दवाओं की गुणवत्ता खराब पाई गई है। सीडीएससीओ की अलग-अलग टीमों ने देशभर से 1188 सैंपल लिए थे, जिनमें 60 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं।
इन दवाओं के सैंपल फेल
स्टाक को वापस मंगवाने का निर्देश दिया है। प्रदेश में निर्मित जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं उनमें एल्विस हेल्थकेयर नालागढ़ की डिक्लोफिनेक सोडियम दवा का बैच नंबर एटी22201, मेडिपोल फार्मा बद्दी की दवा मल्टीविटामिन सिरप बैच एमवीएस-005, एडविन फार्मा सिरमौर की दो दवाओं प्राक्सी सीआर12.5 बैच नंबर एटीएक्स070647 व एंब्रोक्सोल एचसीएल एएलएक्स07099, लीनस लाइफकेयर चंबाघाट सोलन का इंजेक्शन लीवोकार्निटाइन बैच नंबर एटूएलवी03ए गुणवत्ता में खरा नहीं उतरा है।
इनके अलावा फार्मा रूट्स हेल्थकेयर बरोटीवाला की दवा कैल्सियम कोर्बोनेट का बैच नंबर पीटी-30625, एसेंट फार्मा सोलन की दवा पैरासिटामोल, हाइड्रोक्लोराइड एंड सिट्राजिन का बैच नंबर 22जीटी048, एएनजी लाइफ साइंस नालागढ़ की दवा एसकोर्बिक एसिड दवा के बैच नंबर टी392019 व टी392017, इवेंट कारपोरेशन नाहन की दवा पेंटाप्रोजोल का बैच नंबर ईटी-22047 का सैंपल फेल हुआ है।
वहीं गल्फा लैब थाना बद्दी की दवा गलपारा का बैच नंबर जीपीटी 22001 व जीपीटी 22002, सेंट क्योर बद्दी की दवा रेबिरिव-20 का बैच नंबर सीसीटी22065ए, मैक्सटर बायो जेनिक्स नालागढ़ की दवा टेलमिसर्टन एंड एमलोडिपाइन का बैच नंबर एमएस1एजे2302, जी लैब सिरमौर की दवा टोब्रामाइसिन ओपथाल्मिक सोल्यूशन का बैच नंबर 1223108, बीआरओपी सिरमौर की दवा पोविडोन-आयोडीन ओइंटमेंट यूएसपी का बैच नंबर पी1027 का सैंपल फेल हुआ है।
इन राज्यों में निर्मित दवाओं के सैंपल हुए फेल
हिमाचल के अलावा उत्तराखंड व पंजाब की छह-छह, राजस्थान व दिल्ली की चार-चार, गुजरात व पुडुचेरी की तीन-तीन, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में निर्मित दो-दो दवाओं की गुणवत्ता में खोट मिली है। इनके अलावा भी कई फार्मा कंपनियों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं।







