नई दिल्ली : पल्यूशन कंट्रोल करने के लिए जब दिल्ली में ग्रैप-3 और ग्रैप-4 लगाया गया था, तब दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और एनडीएमसी ने पल्यूशन की रोकथाम के लिए अपने-अपने इलाकों में कई काम किए। ट्रांसपोर्ट विभाग को उन गाड़ियों के दिल्ली में एंट्री पर रोक लगाई थी, जो बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाली हैं। इसके अलावा उन गाड़ियों की भी जांच की गई, जिनके पास पल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं था।
इस दौरान करीब 60 हजार ऐसे लोगों का चालान किया गया, जिनके पास पीयूसी (पल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट नहीं थे। बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाली करीब 24063 गाड़ियों को बॉर्डर पर चेक किया गया और इनमें से 56 प्रतिशत को बॉर्डर से ही वापस कर दिया गया। ग्रैप-3 और 4 लागू होने के दौरान ऐसी 24,063 गाड़ियों को बॉर्डर पर चेक किया गया और उनमें से 13,594 को बॉर्डर से ही वापस कर दिया गया। पीयूसी की सघन जांच के बाद करीब 9.51 लाख लोगों ने इस दौरान पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाया।






