नई दिल्ली: ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इंडिया गठबंधन बनने के साथ ही बिखरने लगा है। आम आदमी पार्टी के शांत होने के बाद अब भी तीन राज्यों में मामला खराब होता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल में जहां ममता बनर्जी एकला चलो रे की तर्ज पर तैयारी में जुटी है, वहीं बिहार में नीतीश के फिर से एनडीए में जाने की सुगबुगाहट है, वहीं केरल में भी कांग्रेस और वाम दलों के बीच तनाव दिख रहा है।
TMC की सभी सीटों पर तैयारी
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने शनिवार को कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सबसे पुरानी पार्टी को स्वीकार करना होगा अगर उसे पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी के साथ सीट-आवंटन समझौता करना है तो राज्य में ‘जमीनी हकीकत’ का सामना करना होगा। कांग्रेस पर भाजपा को राज्य में पैर जमाने में मदद करने का आरोप लगाते हुए घोष ने कहा- “कांग्रेस की राज्य इकाई भाजपा को ऑक्सीजन देकर और उन्हें यहां मजबूत पैर जमाने में मदद करते हुए हम पर निशाना साध रही है। यह काम नहीं करेगा। हम यहां की सभी 42 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस को राज्य में जमीनी हकीकत के आधार पर सीट बंटवारे पर सहमति बनानी होगी। हालांकि, वे इसके बजाय दबाव की राजनीति का सहारा ले रहे हैं। सीएम ममता बनर्जी बंगाल में गठबंधन पर अंतिम फैसला लेंगी।”
केरल में ‘खेला’
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने फरवरी में नई दिल्ली में केंद्र के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के राज्य सरकार के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को पत्र लिखकर सूचित किया कि विपक्ष 8 फरवरी को विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेगा। सीपीआई (एम) के मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेता सतीशन और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के उप विपक्षी नेता पीके कुन्हालीकुट्टी के साथ एक बैठक बुलाई थी, जिसमें राज्य के प्रति केंद्र सरकार की कथित लापरवाही के खिलाफ विरोध में समर्थन मांगा गया था।
बिहार में नीतीश की पलटूमार राजनीति
इंडिया गठबंधन को बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बिहार के सीएम और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के एक बार फिर से पलटी मारने की संभावना जताई जा रही है। बीजेपी और जदयू के बीच एक बार फिर से नजदिकियां बढ़ने लगी हैं। अमित शाह इशार कर चुके हैं, बिहार के एनडीए के सहयोगी पार्टी के नेता दावा कर रहे हैं कि नीतीश कुमार फिर से एनडीए में आने वाले हैं।







