Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

आ रहा जल-प्रलय, सैटेलाइट तस्वीरों से ISRO ने खोला राज

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 24, 2024
in राष्ट्रीय
A A
20
SHARES
658
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

बेंगलुरु : सदियों से हिमालय भारत का सिरमौर रहा है। यह भारत का प्राकृतिक प्रहरी रहा है, जलवायु विभाजक भी है। साइबेरिया से आने वाली ढंडी बयारों को रोककर भारत में एक अलग जलवायु तंत्र बनाने वाला भी रहा है  लेकिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि जल्द ही उत्तर का यह मस्तक और प्रहरी देश में प्रलय मचा सकता है।

हिमालय को बड़े-बड़े ग्लेशियर और बर्फ के विशाल टीलों की वजह से तीसरा ध्रुव भी कहा जाता है। इसरो ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हिमालय के ये ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इसरो ने सोमवार को कहा कि दशकों की उपग्रह इमेजरी का विश्लेषण करने वाले नए शोध से पता चला है कि भारतीय हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियर खतरनाक दर से पिघल रहे हैं, जिससे हिमालयी इलाके में बने हिमनदीय झीलों (Glacial Lakes) का विस्तार हो रहा है।

इन्हें भी पढ़े

PM modi

El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

July 2, 2026
Amit Shah

घुसपैठ पर आर-पार की तैयारी, हाई-लेवल बैठक में तय होगी देशव्यापी कार्रवाई की रणनीति

July 2, 2026
EPFO

लागू हो गई ‘EPF स्कीम 2026’, जानिए क्या बदल गया आपका पीएफ अकाउंट और UAN?

July 2, 2026
Sanae Takaichi India

तकाइची को PM मोदी ने अपनी छोटी बहन बताया, बोले-आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत

July 2, 2026
Load More

बता दें कि ये ग्लेशियर और ग्लेशियल झीलें उत्तर भारत की सभी प्रमुख नदियों के जलस्रोत रहे हैं। दुनियाभर में हुए शोधों से पता चला है कि दुनियाभर के ऊंचे पहाड़ों-पर्वतों पर के ग्लेशियर 18वीं सदी के औद्योगीकरण के बाद से ही तेजी से पिघल रहे हैं और वे अपने स्थानों से पीछे हट रहे हैं। यानी जहां आज ग्लेशियर हैं, वहां उसका वजूद खत्म हो रहा है। ग्लेशियर के पीछे हटने से वहां झील का निर्माण होता है। इसरो की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये झीलें कई बार बड़ा जोखिम भी पैदा करते हैं। यानी कई बार ग्लेशियल लेक फट जाते हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ जाती है जो समुदायों के लिए विनाशकारी परिणाम लाते हैं।

इसरो की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1984 से 2023 तक ग्लेशियर्स के सैटेलाइट डेटा हैं, जिनमें यह बात सामने आई है कि 2016-17 में नदी घाटियों में 10 हेक्टेयर से बड़ी कुल 2,431 हिमनद झीले थीं। 1984 के बाद से इस क्षेत्र में आश्चर्यजनक रूप से 676 झीलें विकसित हो गई हैं। इनमें  130 झीलें भारत के अंदर हैं। उनमें 65 सिंधु बेसिन में, सात गंगा घाटी में और 58 ब्रह्मपुत्र बेसिन में हैं।

ISRO की स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि इन झीलों में आश्चर्यजनक रूप से फैलाव हो रहा है। 601 झीलों का आकार दोगुना से भी ज्यादा हो गया है, जबकि दस झीलें 1.5 से 2 गुना बड़ी हो गई हैं। इसके अलावा 65 झीलें डेढ़ गुना बड़ी हो गई हैं। विश्लेषण में ये बात भी निकल कर आई है कि कई झीलें हिमालय की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थि हैं। इनमें  4,000-5,000 मीटर की ऊंचाई पर करीब 314 झील हैं जबकि 5,000 मीटर से ऊपर की ऊंचाई पर 296 हिमनदीय झीलें हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे ग्लेशियर तेजी से पिघलते हैं, उससे बनने वाली झीलेों का आकार तेजी से बढ़ने लगता है, जो बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय परिवर्तनों का संकेत देती हैं। हिमनदीय झीलों का फैलाव होने और उसमें अत्यधिक मात्रा में पानी आने से उसके फटने का खतरा बना रहता है। जब ऐसी झीलें फटती हैं तो पर्वतीय क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ लाती हैं। हाल के वर्षों में उत्तराखंड में इस तरह की बाढ़ आ चुकी है, जिसमें बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
ट्रंप भैंसा

बांग्लादेश का ‘ट्रंप भैंसा’ बना ग्लोबल सेंसेशन, 700 किलो के भैंसे को मिली VIP सुरक्षा

May 29, 2026
Team India test

कप्तान और कोच का दुर्भाग्यपूर्ण फैसला

December 22, 2022
ram mandir

500 वर्षों का इंतजार हुआ खत्म, निर्बल के बल मेरे राम

January 21, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • चीन ने कबाड़ प्‍लेन बेचकर नेपाल को लगाया अरबों का चूना, अब खुलेगी पोल
  • केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा, WhatsApp के नए Username फीचर शुरू करने पर लगाई रोक
  • चीनी ऐप से हैक हो रहे ई-रिक्शा, चालक और सवारियों के लिए बड़ा खतरा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.