नई दिल्ली: दिल्ली के एक आईएए कोचिंग सेंटर पर भारी जुर्माना लगाया गया है। वजह है भ्रामक विज्ञापन। जानकारी के मुताबिक लोगों को बहकाने के लिए भ्रामक विज्ञापन लगाने के आरोप में कोचिंग सेंटर पर तीन लाख का जुर्माना लगाया गया है। उपभोक्ता मामले के खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के मामले भ्रामक विज्ञापन के लिए श्रीराम आईएएस, के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके दिल्ली में सेंटर्स हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन है।
बयान में कहा गया है, कोचिंग संस्थान और ऑनलाइन एडटेक प्लेटफॉर्म छात्रों को प्रभावित करने के लिए उन्हीं सफल छात्रों की तस्वीरों और नामों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि उन सफल छात्रों के कोर्स और कोर्स लेंथ के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती। मंत्रालय ने कहा है कि कोचिंग सेंटर पर जुर्माने का फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक श्रीराम आईएएस ने अपने ऐड में दो दावे किए थे। पहला यह कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 200 से ज्यादा छात्र चुने गए हैं और हम भारत के नंबर 1 प्रतिष्ठित यूपीएससी/आईएएस कोचिंग संस्थान हैं। सीसीपीए ने पाया था कि श्रीराम आईएएस ने कई तरह के कोर्स का ऐड किया था, लेकिन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणामों में ऐड में दिए गए सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए कोर्स के बारे में जानकारी जानबूझकर छिपाई गई थी।







