नई दिल्ली: कोलकाता में डॉक्टर के रेप-मर्डर के मामले में हो रही सीबीआई जांच और आरजी कर अस्पताल से जुड़े हर छोटे-बड़े घटनाक्रमों और देशभर में जारी प्रदर्शनों की निगरानी की कमान खुद केंद्रीय गृह मंत्रालय और अमित शाह ने संभाली है. आरजी कर अस्पताल में बवाल के बाद पुलिस पर उठे सवालों और HC की प्रतिकूल टिप्पणियों के बाद गृह मंत्रालय ने बहुत बड़ा फैसला लिया है. MHA ने सभी राज्यों के पुलिस बलों को ‘हर दो घंटे’ में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
राज्यों में बढ़ रहे अपराध को देखते हुए गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है और सभी राज्यों/यूटी को आदेश जारी कर दिए हैं. कोलकाता बलात्कार और हत्या के बाद गृह मंत्रालय ने भारत के सभी पुलिस बलों को अधिसूचना जारी की है. इस सरकारी आदेश में सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे प्रदर्शनों के बीच अपने यहां की कानून व्यवस्था की स्थिति की रिपोर्ट हर दो घंटे में ईमेल/फैक्स/व्हाट्सएप के माध्यम से केंद्र को भेजने को कहा है. गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी और हालात को आउट ऑफ कंट्रोल होने से रोकने के लिए ये कदम उठाया है.
सीबीआई की जांच अब तक कहां पहुंची?
मृतक डॉक्टर की फैमिली से बोले गए झूठ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या से पहले की प्रकृति और सेक्सुअल पेनेट्रेशन की बात सामने आने के बाद देशभर में आक्रोश है. रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि पीड़िता की हत्या गला घोंटकर हुई थी. उससे पहले उसके साथ बलात्कार हुआ था. आरोपी ने 2 बार उसका गला घोंटा था. उसकी मौत सुबह 3 से 5 बजे के बीच हुई थी. आईएमए (IMA) और फोर्डा (FORDA) के आह्वान पर OPD का बहिष्कार करने के साथ देशव्यापी प्रदर्शन चल रहे हैं. ऐसे में कोलकाता के आरजी कर अस्पताल जैसा घटनाक्रम कहीं और न हो इसके मद्देनजर भी गृह मंत्रालय ने ये फैसला लिया है.
सीबीआई ने आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसपल से पूछताछ का दायरा बढ़ाया है. गौरतलब है कि 8-9 अगस्त की दरमियानी रात आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में एक महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी की हदें पार कर दी गई थीं. ड्यूटी डॉक्टर का यौन उत्पीड़न किया गया था. उसका शव सेमिनार हॉल में मजब मिला था तब उसकी बॉडी में चोटों के कई निशान थे.







