Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

काम के दबाव के चलते जजों से होती हैं गलतियां, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा ऐसा

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 23, 2024
in राष्ट्रीय
A A
16
SHARES
524
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने देश में जनसंख्या के मुकाबले जजों की कम संख्या होने पर अफसोस जताते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों पर काम का अत्यधिक तनाव (Workload on Supreme Court) रहता है, जिसके कारण उनसे गलतियां हो जाती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को याद दिलाया कि 2002 में दिए फैसले में 2007 तक निचली अदालतों में 10 लाख जनसंख्या पर 50 जज होने के निर्देश दिए गए थे लेकिन 2024 तक यह अनुपात 25 जजों तक भी नहीं पहुंचा है।

सुप्रीम कोर्ट ने किस संदर्भ में की टिप्प्णी

इन्हें भी पढ़े

Ethanol

केंद्र सरकार ने किया स्पष्ट, E20 कार्यक्रम कोई प्रयोग नहीं, मीडिया रिपोर्टों को बताया भ्रामक

July 1, 2026
black-box train

अब ट्रेन में सिगरेट पीना और भीख मांगना पड़ेगा भारी, ₹2,000 का फाइन; नए नियम लागू

July 1, 2026
VB G-RAM-G

क्या है VB G-RAM-G कानून? मनरेगा से कितना अलग?

July 1, 2026
पेट्रोल उत्पाद

संकट से निपटने भारत ने बनाया महा-प्लान, अब एक महीने का तेल-गैस रखेगा बैकअप

June 30, 2026
Load More

जस्टिस अभय एस.ओका, जस्टिस ए.अमानुल्लाह और जस्टिस एजे मसीह की बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले में सैशन जज के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को रद्द करने को दायर याचिका पर फैसले में यह टिप्पणी की। बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले से ये टिप्पणियां हटाने के निर्देश दिए।

व्यक्तिगत आलोचना से बचें : SC

सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट को निचली अदालत के आदेशों को रद्द करते समय न्यायिक अधिकारियों की व्यक्तिगत आलोचना से बचना चाहिए। कई अच्छे फैसले लिखने के बाद जज काम के दबाव या अन्य कारणों से किसी फैसले में गलती कर सकता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
CSIR-IHBT

CSIR-IHBT ने सरकारी स्कूलों में किया 16 किस्मों के 1200 सजावटी पौधों का वितरण

August 31, 2023

विकसित भारत संकल्प यात्रा कैंप में प्रतिभाग करते मंत्री गणेश जोशी

December 11, 2023
church

जनजातीय कानूनों की आड़ में चकमा दे रहा चर्च

June 18, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • केंद्र सरकार ने किया स्पष्ट, E20 कार्यक्रम कोई प्रयोग नहीं, मीडिया रिपोर्टों को बताया भ्रामक
  • फटाफट बना लें अपना वॉट्सऐप यूजरनेम, जानिए स्टेप-बाय- स्टेप प्रोसेस
  • उत्तराखंड: भ्रष्टाचार के आरोप में जिला पर्यटन विकास अधिकारी निलंबित, जानें क्या हैं पूरा मामला

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.