नई दिल्ली: आज राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक का दूसरा दिन है। रामलला के मंदिर निर्माण में अभी तक 800 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी भी मंदिर निर्माण में मजदूरों की कमी बनी हुई है। जिसको देखते हुए निर्माण समिति ने एलएनटी से मजदूरों की संख्या दोगुनी करने का अनुरोध किया है। राम मंदिर को पूरा होने में लगभग 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मजदूरों की संख्या दोगुनी होने की जरूरत
निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर निर्माण कार्य में आज भी मजदूरों की कमी बड़ी चुनौती है। जब तक मजदूरों की संख्या दुगनी नहीं होगी तब तक निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी रहेगी। उन्होंने बताया कि मंदिर के निर्माण कार्य में इस समय करीब 800 मजदूर लगे हुए हैं।मजदूरों की संख्या जब तक 1500 के आसपास नहीं होगी, तब तक निर्माण पीछे ही रहेगा।
पत्थर लगने का काम नवंबर में होगा पूरा
नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर के निर्माण कार्य की प्रगति की बारे में बताते हुए कहा शिखर को छोड़कर पत्थर लगने का काम इस महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। राम मंदिर के शिखर में 55000 क्यूबिक फीट पत्थर अभी और लगने हैं। वहीं परकोटा में 8,20,000 क्यूबिक फीट पत्थर लगाए जाएंगे। राम मंदिर निर्माण पूर्ण करने में लगभग 1600 से 1800 करोड रुपए का खर्च आएगा। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पिछले साल 22 जनवरी को हुई थी। जिसकी पहली वर्षगांठ आने वाली है। प्रथम वर्षगांठ पर राम लला के अलावा किसी और महापुरुषों के दर्शन पर संशय है।







