नई दिल्ली: मध्य या निम्नवर्गीय छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई करने के ख्वाब को हकीकत में बदलना आसान नहीं होता। पैसों की कमी इस सपने को साकार करने में सबसे बड़ी बाधा होती है। लेकिन विदेश में पढ़ाई करने में छात्रों की वित्तीय मदद करने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों कई छात्रवृत्तियां ऑफर करती हैं। यहां देखें इन छात्रवृत्तियों की लिस्ट –
केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं
अनुसूचित जाति और कुछ अन्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (एनओएस) योजना: एससी, एसटी वर्ग, भूमिहीन कृषि मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों की श्रेणी से संबंधित कम आय वाले छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा, जैसे मास्टर डिग्री या पीएचडी की सुविधा देने के लिए केंद्र की ओर नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप चलाई जाती है।
फुलब्राइट-नेहरू मास्टर फेलोशिप: यह छात्रवृत्ति उन उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने यूएस स्नातक की डिग्री के बराबर की डिग्री पूरी की है, जिनके पास कम से कम तीन साल का कार्य अनुभव है, और जो भारत में अपने समुदायों में वापस लौटने और योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये फेलोशिप यू.एस. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अर्थशास्त्र; पर्यावरण विज्ञान/अध्ययन; उच्च शिक्षा प्रशासन; अंतर्राष्ट्रीय मामले; अंतर्राष्ट्रीय कानूनी अध्ययन; पत्रकारिता और जनसंचार; लोक प्रशासन; सार्वजनिक स्वास्थ्य; और वूमन स्टडीज के क्षेत्रों में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए दो साल तक के लिए दी जाती हैं।
लोन पर ब्याज सब्सिडी की डॉ. अंबेडकर योजना
डॉ. अंबेडकर योजना विदेश में अध्ययन को लेकर लिए गए एजुकेशन लोन पर ब्याज सब्सिडी से जुड़ी है। यह छात्रवृत्ति योजना ओबीसी और ईबीसी से संबंधित छात्रों के लिए मास्टर, एम.फिल. और पीएचडी स्तर पर विदेश में किए जाने वाले कोर्सेज के लिए एजुकेशन लोन के ब्याज पर लागू होती है।
फुलब्राइट-कलाम क्लाइमेट फेलोशिप: यह फेलोशिप उन भारतीय शोधार्थियों के लिए हैं जो कि भारतीय संस्थान में ही पीएचडी के लिए रजिस्टर्ड हैं। यह प्री-डॉक्टरल-स्तर के शोध के लिए है। चयनित उम्मीदवार एक अमेरिकी संस्थान से संबद्ध होगा। फेलोशिप 6-9 महीने के लिए है।
अगाथा हैरिसन मेमोरियल फेलोशिप: इस स्कॉलरशिप का फंड पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा दिया जाता है। यह एक वर्ष के दी जाती है, जिसे उम्मीदवार के प्रदर्शन के आधार पर एक वर्ष और बढ़ाया जा सकता है। इस फेलोशिप से चयनित फेलो को लंदन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट एंटनी कॉलेज में भेजा जाता है। उम्मीदवार का स्टेटस ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में जूनियर रिसर्च फेलो के बराबर होता है।
राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं
केंद्र सरकार के अलावा कई राज्य सरकारें भी विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए छात्रवृत्तियां देती हैं। यहाँ सूची देखें:
अल्पसंख्यकों के लिए ओवरसीज स्कीम : तेलंगाना सरकार की अल्पसंख्यकों के लिए ओवरसीज स्कीम उन छात्रों पर लागू होती है, जिनकी पारिवारिक आय सभी स्रोतों से 5 लाख प्रति वर्ष से कम है। छात्रवृत्ति अनुदान 20 लाख या एडमिशन लेटर, जो भी कम हो, के लिए है। एक बार का इकोनॉमिक टिकट और वीजा शुल्क भी मिलता है।
महाराष्ट्र का विदेशी छात्रवृत्ति कार्यक्रम: इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम में महाराष्ट्र के छात्रों के लिए कई छात्रवृत्ति योजनाएं शामिल हैं जिनमें आदिवासी विकास विभाग विदेशी छात्रवृत्ति, सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग विदेशी छात्रवृत्ति, उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग विदेशी छात्रवृत्ति, योजना विभाग विदेशी छात्रवृत्ति, अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग विदेशी छात्रवृत्ति, अल्पसंख्यक विकास विभाग विदेशी छात्रवृत्ति और वन विभाग विदेशी छात्रवृत्ति शामिल हैं।
राजीव गांधी शैक्षणिक उत्कृष्टता छात्रवृत्ति (आरजीएस) योजना: इस योजना के तहत राजस्थान सरकार राज्य के 200 मेधावी छात्रों को विदेश में अध्ययन करने में मदद करेगी। ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे दुनिया भर के 50 प्रतिष्ठित संस्थानों में स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टरल अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार छात्रों का पूरा खर्च वहन करेगी जिसमें किराया ट्यूशन फीस आदि शामिल है।
उपरोक्त स्कॉलरशिप के अलावा भी राज्य सरकारों की कई अन्य छात्रवृतियां हैं जिनका जिक्र यहां नहीं किया गया है। इनकी जानकारी संबंधित राज्य सरकारी की वेबसाइट पर जाकर ली जा सकती है।







