स्पेशल डेस्क/इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (29) की मेघालय के शिलांग में हनीमून के दौरान हत्या का मामला एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री बन गया है। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी उनके प्रेमी राज कुशवाह और तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स (आकाश, विशाल और आनंद) की साजिश ने पूरे देश को झकझोर दिया। यह कहानी प्रेम, विश्वासघात, सुनियोजित साजिश और क्रूर हत्या का मिश्रण है। आइए, इस मामले की पूरी कहानी को विस्तार में एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रकाश मेहरा से समझते हैं।
शादी और हनीमून की शुरुआत
राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में धूमधाम से हुई थी। यह एक व्यवस्थित विवाह (arranged marriage) था, जिसमें दोनों परिवारों की सहमति थी। राजा एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे, जबकि सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी की इंदौर में एक छोटी प्लाईवुड फैक्ट्री है। शादी के नौ दिन बाद, 20 मई 2025 को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए इंदौर से गुवाहाटी के रास्ते शिलांग, मेघालय के लिए रवाना हुआ। सोनम ने ही फ्लाइट बुक की थी और राजा पर शिलांग जाने के लिए दबाव बनाया था। सोनम ने राजा से खासतौर पर सोने की चेन पहनने को कहा, जो बाद में जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
शिलांग में क्या हुआ ?
22 मई 2025 राजा और सोनम गुवाहाटी से शिलांग पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को एक होटल के बाहर स्कूटी पर देखा गया। वे शिपारा होम स्टे में रुके और 22 मई को एक स्थानीय गाइड अल्बर्ट ने उन्हें ट्रेकिंग सर्विस ऑफर की, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इसके बजाय, उन्होंने Bha Wansai नाम के एक अन्य गाइड को हायर किया।
23 मई 2025 राजा और सोनम नोंग्रियाट गांव के पास ट्रेकिंग के लिए निकले। जांच के अनुसार, सोनम ने राजा को एक सुनसान रास्ते पर ले जाया, जहां पहले से मौजूद तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स (आकाश, विशाल, और आनंद) ने धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को एक गहरी खाई में फेंक दिया गया ताकि इसे हादसा दिखाया जा सके।
साजिश के पीछे का मकसद !
जांच में सामने आया कि सोनम का राज कुशवाह के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) जांच में पाया गया कि सोनम और राज कुशवाह लंबे समय से संपर्क में थे। शादी के दौरान भी बड़े बैंक ट्रांजेक्शन हुए, जो संदिग्ध पाए गए। सोनम और राज कुशवाह ने मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची। सोनम ने हनीमून के बहाने राजा को शिलांग ले जाया, जहां पहले से तय योजना के तहत कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को हायर किया गया। हत्या का मकसद राजा को रास्ते से हटाना और संभवतः उनकी संपत्ति, जिसमें 10 लाख रुपये से अधिक के सोने के आभूषण शामिल थे, हड़पना था।
हत्या के बाद बदलते ठिकाने
हत्या के बाद, सोनम और तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स शिलांग से गुवाहाटी पहुंचे। वहां उन्होंने एक दिन रुककर अपनी योजना को और छिपाने की कोशिश की। इसके बाद, सभी अलग-अलग दिशाओं में भाग गए। सोनम मेघालय पुलिस के रडार पर थी। 9 जून 2025 को, उसने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर सरेंडर कर दिया। उसने दावा किया कि उसे अगवा और लूटा गया, लेकिन पुलिस ने इसे साजिश का हिस्सा माना।
मेघालय पुलिस ने तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स (आकाश, विशाल, और आनंद) को मध्य प्रदेश से और राज कुशवाह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। कुल आठ लोग अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस जांच और सबूत
घटनास्थल से एक खून से सना दाओ (स्थानीय चाकू) और रेनकोट बरामद हुआ, जो हत्या की पुष्टि करता है। सीसीटीवी फुटेज में सोनम और राजा को स्कूटी पर देखा गया, जो बाद में 25 किलोमीटर दूर लावारिस हालत में मिली। सोनम और राज कुशवाह के बीच लगातार फोन कॉल्स ने पुलिस को साजिश का सुराग दिया।
राजा के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की, उनका दावा था कि सोनम ने राजा को जबरन शिलांग ले जाकर साजिश रची। राजा की मां ने कहा कि सोनम को अगर दोषी पाया जाता है तो उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए। सोनम के पिता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “उनकी बेटी को फंसाया गया है और उन्होंने भी सीबीआई जांच की मांग की।
सामाजिक प्रतिक्रिया और समान मामले
इस मामले ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाईं। कुछ लोगों ने इसे रिश्तों में विश्वासघात का प्रतीक बताया, तो कुछ ने समाज में बढ़ते अपराधों पर सवाल उठाए। यह पहला ऐसा मामला नहीं है। मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या (मार्च 2025) और दिल्ली में श्रद्धा वालकर और निक्की यादव की हत्याएं भी प्रेम संबंधों और साजिश से जुड़ी थीं, जो इस मामले से समानताएं दर्शाती हैं।
सटीक मकसद और संपत्ति की भूमिका
राजा रघुवंशी मर्डर केस एक प्रेम त्रिकोण, विश्वासघात, और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की सनसनीखेज कहानी है। सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर हनीमून की आड़ में राजा की हत्या की साजिश रची, जिसमें तीन भाड़े के हत्यारों ने अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की, लेकिन कई सवाल अभी अनुत्तरित हैं, जैसे सोनम का सटीक मकसद और संपत्ति की भूमिका। मेघालय पुलिस ने 9 जून 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में और विवरण देने की बात कही थी, जिससे और खुलासे की उम्मीद है।







