प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
ओडिशा । 29 जून को सुबह करीब 4 बजे, ओडिशा के पुरी में श्री गुंडिचा मंदिर के पास भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। इस दुखद घटना में तीन भक्तों की मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं, बसंती साहू (36) और प्रभाती दास (42) और एक 70 वर्षीय पुरुष, प्रेमकांत मोहंती शामिल थे। सभी मृतक खुरदा जिले के थे। इसके अलावा, लगभग 50 लोग घायल हुए। यह घटना शरधाबली में उस समय हुई जब सैकड़ों भक्त रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिए एकत्र हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ में एक वाहन के प्रवेश और अपर्याप्त पुलिस व्यवस्था ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की प्रतिक्रिया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना को “अक्षम्य लापरवाही” करार देते हुए भगवान जगन्नाथ के भक्तों से माफी मांगी। उन्होंने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा, “मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं। हम उन भक्तों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई।”
ଶରଧାବାଲିରେ ମହାପ୍ରଭୁଙ୍କ ଦର୍ଶନ ନିମନ୍ତେ ଭକ୍ତମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ପ୍ରବଳ ଉତ୍କଣ୍ଠା ଜନିତ ଠେଲାପେଲା କାରଣରୁ ଘଟିଥିବା ଅଘଟଣ ପାଇଁ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ଭାବେ ମୁଁ ଏବଂ ମୋ ସରକାର ସମସ୍ତ ଜଗନ୍ନାଥପ୍ରେମୀଙ୍କ ନିକଟରେ କ୍ଷମା ପ୍ରାର୍ଥନା କରୁଛୁ। ଯେଉଁ ଭକ୍ତମାନଙ୍କର ଜୀବନଦୀପ ଶରଧାବାଲିରେ ଲିଭିଯାଇଛି ସେମାନଙ୍କ ପରିବାରବର୍ଗଙ୍କୁ ସମବେଦନା ଜଣାଇବା…
— Mohan Charan Majhi (@MohanMOdisha) June 29, 2025
माझी ने घटना की तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसकी निगरानी विकास आयुक्त करेंगे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा, मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत, पुरी के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) का तबादला कर दिया गया, और पुरी के डीसीपी बिष्णु चरण पति और पुलिस कमांडेंट अजय पाढी को निलंबित कर दिया गया।
हादसे पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को “अत्यंत दुखद” बताते हुए ओडिशा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह त्रासदी एक गंभीर चेतावनी है – ऐसे बड़े आयोजनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इसकी समीक्षा होनी चाहिए।” गांधी ने जोर दिया कि लोगों की जान की रक्षा सर्वोपरि है और इस जिम्मेदारी में किसी भी तरह की चूक अस्वीकार्य है। उन्होंने ओडिशा सरकार से राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील की।
पुरी में रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना और घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं।
ओडिशा सरकार से अपील है कि राहत कार्यों में तेजी लाए और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि वो इसमें हर संभव मदद…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 29, 2025
सरकार पर विपक्ष का हमला
विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा, “शरधाबली, पुरी में भगदड़ में तीन भक्तों की मृत्यु पर मेरी गहरी संवेदनाएं।” उन्होंने सरकार की भीड़ प्रबंधन में विफलता पर सवाल उठाए और इसे “मोहन माझी सरकार की स्पष्ट अक्षमता” करार दिया। बीजेडी (बीजू जनता दल) ने इस घटना के लिए सरकार की जवाबदेही मांगते हुए कड़ा रुख अपनाया।
ପୁରୀ ଶରଧାବାଲିରେ ମହାପ୍ରଭୁଙ୍କ ସକାଳ ଦର୍ଶନ ସମୟରେ ଭୀଷଣ ଦଳାଚକଟା ଘଟଣାରେ ପ୍ରାଣ ହରାଇଥିବା ୩ ଜଣ ଭକ୍ତଙ୍କ ପରିବାରବର୍ଗଙ୍କ ପ୍ରତି ଗଭୀର ସମବେଦନା ଜଣାଉଛି। ଏବଂ ଏହି ଦୁଃଖଦାୟକ ଘଟଣାରେ ଆହତ ହୋଇଥିବା ସମସ୍ତ ଭକ୍ତଙ୍କ ଆଶୁଆରୋଗ୍ୟ ପାଇଁ ମହାପ୍ରଭୁ ଶ୍ରୀଜଗନ୍ନାଥଙ୍କ ନିକଟରେ ପ୍ରାର୍ଥନା କରୁଛି।
ରଥଯାତ୍ରାରେ ଅଭାବନୀୟ ଭିଡ଼ ପରିଚାଳନା…
— Naveen Patnaik (@Naveen_Odisha) June 29, 2025
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। ओडिशा के डीजीपी वाई.बी. खुरानिया ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू होने की पुष्टि की। हालांकि, पुरी के एसपी विनीत अग्रवाल ने अपर्याप्त पुलिस व्यवस्था के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “तैनाती आवश्यकता के अनुसार थी।”
I am deeply pained by the stampede during the Mahaprabhu Jagannath Rath Yatra, which claimed three lives and injured at least 50 people. This tragedy follows reports of 500 devotees being injured on Friday during the yatra.
My thoughts and prayers are with the families of the…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) June 29, 2025
क्या है वर्तमान स्थिति !
घटना के बाद, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है ताकि मृत्यु के सटीक कारण का पता लगाया जा सके। इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह घटना पुरी रथ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों में बेहतर योजना और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। सरकार द्वारा की गई कार्रवाइयां और जांच के परिणाम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में कितने प्रभावी होंगे, यह देखना बाकी है।







