Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

धनखड़ के इस्तीफे से सियासी हलचल, बीजेपी की नई रणनीति, उपराष्ट्रपति पद के लिए ‘सेफ गेम’ !

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 27, 2025
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
Jagdeep Dhankhar
15
SHARES
487
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


नई दिल्ली: जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफे ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए धनखड़ ने अपना पद छोड़ दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, इस्तीफे की टाइमिंग और परिस्थितियों ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर तब जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका था। विपक्ष और कुछ विश्लेषकों का मानना है कि “यह इस्तीफा सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव और बीजेपी की आंतरिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।”

इन्हें भी पढ़े

heavy RAIN

फिर से शुरू होने वाला है बारिश का दौर, अलर्ट जारी

February 15, 2026
amit shah

अमित शाह ने क्यों राहुल को दी चुनौती? बोले – ट्रेड डील पर किसी भी मंच पर कर लें बहस

February 15, 2026
openai ceo sam altman

OpenAI के CEO बोले- ‘भारत के पास AI सुपरपावर बनने की पूरी क्षमता’

February 15, 2026
kisan

किसानों के लिए KCC में होने जा रहे ये 4 बड़े बदलाव, RBI का ऐलान!

February 14, 2026
Load More

धनखड़ का इस्तीफा क्या थी वजह ?

धनखड़ ने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों को प्रमुख बताया, लेकिन कई घटनाएं इसकी पृष्ठभूमि में नजर आती हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, धनखड़ और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व, खासकर जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू के बीच तनाव था। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में नड्डा और रिजिजू की अनुपस्थिति ने धनखड़ को नाराज किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे धनखड़ के प्रति अपमान के रूप में देखा, जिसने इस्तीफे की जमीन तैयार की।

विपक्ष के आरोप

विपक्ष ने धनखड़ पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया था, खासकर किसान आंदोलन (2023) पर उनके बयानों को लेकर। इसके अलावा, उनके खिलाफ 2024 में अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया, जो उनके कार्यकाल को विवादास्पद बनाता रहा। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया, दावा करते हुए कि धनखड़ की निष्पक्षता कुछ बीजेपी नेताओं को रास नहीं आई। उन्होंने इसे एक “बड़ा सियासी खेल” बताया।

बीजेपी का ‘सेफ गेम’ और नई रणनीति

धनखड़ के इस्तीफे के बाद बीजेपी अब उपराष्ट्रपति पद के लिए “सेफ गेम” खेलने की तैयारी में है। पार्टी का फोकस ऐसे उम्मीदवार पर है जो पार्टी विचारधारा से जुड़ा हो: बीजेपी चाहती है कि नया उपराष्ट्रपति उनकी नीतियों के साथ पूरी तरह तालमेल में रहे और विवादों से दूर रहे।

धनखड़ के कार्यकाल में विपक्ष के साथ लगातार टकराव ने बीजेपी को असहज किया। इसलिए, पार्टी अब ऐसा नेता चाहती है जो संसदीय कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाए। बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण बीजेपी अपने सहयोगी जेडीयू को साधने की कोशिश में है।

कौन है संभावित उम्मीदवार

उपराष्ट्रपति पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन बीजेपी सतर्कता बरत रही है हरिवंश नारायण सिंह वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति और जेडीयू नेता। बिहार से होने के कारण उनकी उम्मीदवारी एनडीए की क्षेत्रीय रणनीति को मजबूत कर सकती है। कुछ अटकलों में बिहार के सीएम नीतीश कुमार का नाम उछला, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि बिहार चुनाव से पहले उन्हें हटाना बीजेपी और जेडीयू दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। वसुंधरा राजे, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा: ये नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन बीजेपी सूत्रों ने जेडीयू के रामनाथ ठाकुर जैसे नामों को खारिज कर दिया है।

चुनाव प्रक्रिया और समय सीमा

संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 60 दिनों के भीतर, यानी 19 सितंबर 2025 से पहले होना है। उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों द्वारा सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम के तहत होता है। जीत के लिए 394 वोटों का बहुमत जरूरी है।एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सांसदों का समर्थन है, जो कुल 422 वोट बनाता है। यह बहुमत से अधिक है, जिससे एनडीए का उम्मीदवार जीत की स्थिति में है।

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा बीजेपी के लिए एक अप्रत्याशित झटका रहा, लेकिन पार्टी इसे अवसर में बदलने की कोशिश में है। धनखड़ के कार्यकाल से सबक लेते हुए, बीजेपी अब एक ऐसे नेता को उपराष्ट्रपति बनाना चाहती है जो पार्टी लाइन के साथ चले और गठबंधन की रणनीति को मजबूत करे, खासकर बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में। अगले कुछ हफ्तों में बीजेपी की पसंद और रणनीति स्पष्ट होगी, जो 2029 तक के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india-china

PM मोदी पर चीन की भविष्यवाणी, अबकी बार 430 पार!

May 16, 2024

सियासी भूचाल में कांग्रेस अपने ही जाल में फंस गई!

March 4, 2024

यात्रा में सहयोगियों का साथ

December 3, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • फिर से शुरू होने वाला है बारिश का दौर, अलर्ट जारी
  • सूर्य ग्रहण के दिन करें 5 चीजों का दान, कुंडली में सुधरेगी ग्रहों की स्थिति!
  • कहीं आपने भी तो मिस नहीं कर दी ये माइंड ब्लोइंग क्राइम-थ्रिलर?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.