Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट ने बिजली दरें बढ़ाने को दी हरी झंडी, दिल्ली समेत देश भर में बिल बढ़ने की संभावना।

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 6, 2025
in राष्ट्रीय
A A
Electricity bill
16
SHARES
527
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
स्पेशल डेस्क


नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त को दिल्ली समेत देश भर में बिजली की दरें बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। इस फैसले में दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) को निर्देश दिया गया कि वह बिजली दरों में वृद्धि के लिए एक रोडमैप तैयार करे, जिसमें यह तय हो कि दरें कब, कैसे और कितनी बढ़ेंगी। यह वृद्धि सभी प्रकार के उपभोक्ताओं—घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक—पर लागू होगी।

इन्हें भी पढ़े

Modi Government

पश्चिम एशिया संकट के बीच फुल एक्शन में केंद्र सरकार!

March 27, 2026
Petrol-Diesel

पेट्रोल-डीजल के टैक्स कटौती पर बोली कांग्रेस- यह सिर्फ दिखावा

March 27, 2026

दुनिया के 22 देशों में फैल रहा कोरोना का नया वेरिएंट, जानें कितना खतरा

March 27, 2026
pm modi

अमेरिका-इजरायल, ईरान-यूएई ने माना मोदी ला सकते हैं शांति!

March 27, 2026
Load More

मामले का आधार लंबित नियामक परिसंपत्तियां (Regulatory Assets)

यह मामला बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के वर्षों से अटके भुगतानों से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने इन नियामक परिसंपत्तियों को चार साल के भीतर समाप्त करने का आदेश दिया, जिसका मतलब है कि बकाया भुगतान की वसूली के लिए बिजली की दरें बढ़ेंगी।

पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) में बिजली उत्पादन की लागत में वृद्धि, विशेष रूप से आयातित कोयले और गैस की कीमतों में इजाफे के कारण, डिस्कॉम को PPAC बढ़ाने की अनुमति दी गई है। यह अतिरिक्त लागत उपभोक्ताओं पर डाली जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

कोर्ट ने साफ किया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी उचित और किफायती होनी चाहिए, जो DERC द्वारा निर्धारित सीमाओं से अधिक न हो। सभी लंबित नियामक परिसंपत्तियों को चार साल में समाप्त करना होगा, जिसके लिए दरों में क्रमिक वृद्धि की जाएगी। यह फैसला न केवल दिल्ली, बल्कि अन्य राज्यों पर भी असर डालेगा, जहां नियामक परिसंपत्तियां लंबित हैं।

दिल्ली में प्रभाव

दिल्ली में बिजली की दरें पहले ही PPAC के कारण कुछ हद तक बढ़ चुकी हैं। उदाहरण के लिए, 2022 में PPAC में 4% की वृद्धि से बिल में उल्लेखनीय इजाफा हुआ था। अब DERC द्वारा तैयार रोडमैप के आधार पर दरों में और वृद्धि होगी, जिसका असर सभी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

अन्य राज्यों पर असर

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में हाल ही में 6 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई, जो अगले बिलिंग साइकिल से लागू होगी। फिक्स्ड चार्ज में भी इजाफा हुआ है।

उत्तर प्रदेश: यूपी में बिजली दरें पहले से ही पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक हैं, और नई वृद्धि पर विचार चल रहा है।

झारखंड और बिहार: झारखंड में बिजली की दर 6.85 रुपये प्रति यूनिट है, जो देश में सबसे महंगी है, जबकि बिहार में यह 2.45 रुपये प्रति यूनिट है।

विवाद और चुनौतियां

मध्य प्रदेश में विरोध जबलपुर के एक एनजीओ ने फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट (FCA) के आधार पर हर तिमाही दरें बढ़ाने को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन बताते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

उपभोक्ता शिकायत कर रहे हैं कि “सरकार सीधे बिल न बढ़ाकर PPAC और अन्य चार्ज बढ़ाकर बोझ डाल रही है।

क्या करें उपभोक्ता ? शिकायत की प्रक्रिया

यदि बिजली बिल अधिक आता है, तो उपभोक्ता बिजली विभाग को शिकायत पत्र लिख सकते हैं। पत्र में उपभोक्ता संख्या, पता और मीटर की जांच का अनुरोध शामिल करना चाहिए। दिल्ली में उपभोक्ता जन शिकायत केंद्र (टोल-फ्री नंबर: 1800112222) या वेबसाइट bijlipgr.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से दिल्ली समेत देश भर में बिजली की दरों में वृद्धि तय मानी जा रही है। यह वृद्धि बिजली वितरण कंपनियों के बकाया भुगतान को पूरा करने के लिए होगी, लेकिन उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। DERC और अन्य राज्य नियामक आयोगों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि बढ़ोतरी उचित और पारदर्शी हो।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Hackers

आपके डाटा पर हैकरों की नजर, जानिए- सुरक्षा के लिए क्या उपाय हैं जरूरी

December 5, 2022
murder

पहले आंखों में झोंकी मिर्ची, फिर पैर से गला दबाया, पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को दी खौफनाक मौत !

July 1, 2025

संवैधानिक व्यवस्था पर बुलडोजर

June 19, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • होर्मुज स्‍ट्रेट खुलवाने को भारत और फ्रांस आए एक साथ, मानेगा ईरान?
  • पश्चिम एशिया संकट के बीच फुल एक्शन में केंद्र सरकार!
  • पेट्रोल-डीजल के टैक्स कटौती पर बोली कांग्रेस- यह सिर्फ दिखावा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.