प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
रोहतास: बिहार के रोहतास जिले के सासाराम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू हुई। इस यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य और महागठबंधन के अन्य नेता शामिल हुए। यह यात्रा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान के तौर पर शुरू की गई है, जिसका समापन 1 सितंबर 2025 को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल रैली के साथ होगा।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा
राहुल गांधी ने इस यात्रा को ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के मूल लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा और संविधान को बचाने की लड़ाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग मतदाता सूची में हेरफेर और वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।
वोट चोरी के खिलाफ जागरूकता
कांग्रेस और महागठबंधन का दावा है कि “SIR प्रक्रिया के तहत दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। राहुल गांधी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के उदाहरण देते हुए कहा कि वहां क्रमशः 1 लाख और 1 करोड़ वोटों की चोरी हुई। राहुल गांधी ने जातीय गणना कराने और 50% आरक्षण की सीमा हटाने की मांग दोहराई, ताकि समाज के सभी वर्गों को न्याय मिले।
क्या है यात्रा का रोडमैप ?
यह यात्रा 16 दिनों में 20 से अधिक जिलों को कवर करते हुए 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
प्रमुख पड़ाव:17 अगस्त: सासाराम, डेहरी ऑन सोन, रोहतास
- 18 अगस्त: कुटुंबा, औरंगाबाद, देव, गुरारू
- 19 अगस्त: नवादा, गया, वजीरगंज, बरबीगा
- 21 अगस्त: शेखपुरा, सिकंदरा, जमुई, मुंगेर
- 22 अगस्त: मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर
- 23 अगस्त: कटिहार
- 24 अगस्त: पूर्णिया, अररिया
- 26 अगस्त: सुपौल, फुलपरास, मधुबनी, दरभंगा
- 27 अगस्त: दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी
- 28 अगस्त: सीतामढ़ी, मोतिहारी, पश्चिम चंपारण
- 29 अगस्त: बेतिया, गोपालगंज, सीवान
- 30 अगस्त: छपरा, आरा
- 1 सितंबर: पटना (समापन रैली)
विश्राम के दिन: 20, 25, और 31 अगस्त को यात्रा में ब्रेक रहेगा।
सासाराम में जनसभा स्थान
सासाराम के सुआरा हवाई अड्डा मैदान में विशाल जनसभा आयोजित की गई, जिसमें 50,000 कुर्सियों का इंतजाम था और लगभग 25,000 लोग पहुंचे।
प्रमुख वक्ता में राहुल गांधी ने कहा “BJP पर संविधान को खतरे में डालने और चुनावी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में भी वोट चोरी की साजिश रची जा रही है।
ग़रीब की ताक़त है उसका वोट – यही उसका हक़, उसकी आवाज़, उसकी पहचान है।
आज वही ताक़त छीनी जा रही है – SIR के ज़रिए वोट चोरी की साज़िश चल रही है।
हम हर कीमत पर वोट चोरी रोकेंगे!#VoterAdhikarYatra pic.twitter.com/jsI1WnNqSz
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 17, 2025
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले “BJP को “वोट चोर” करार दिया और कहा कि “यह यात्रा लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।
लाईव : वोट अधिकार यात्रा की शुरुआत
📍सासाराम, बिहार https://t.co/jntMWrVuuD
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 17, 2025
लालू प्रसाद यादव ने कहा, “वोट का अधिकार है और हम लोकतंत्र को मिटने नहीं देंगे। हमने इसके लिए कई कुर्बानियां दी हैं।” तेजस्वी यादव बोले “BJP पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है, जहां से इसे खत्म करने की साजिश नहीं चलेगी।”
इस यात्रा में RJD, भाकपा माले, VIP के मुकेश सहनी, और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी ने महागठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया। सासाराम में राहुल गांधी और खड़गे ने लालू प्रसाद को गले लगाया, जो गठबंधन की एकता का प्रतीक बना।
यात्रा पर BJP का जवाब
BJP ने इस यात्रा को राजनीतिक स्टंट करार दिया। BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी का नैरेटिव झूठ पर आधारित है और यह यात्रा कांग्रेस की खिसकी जमीन वापस पाने की कोशिश है।
BJP ने दावा किया कि यात्रा का मकसद 30-35 लाख फर्जी वोटरों को बचाना है, जिनके नाम कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में शामिल किए गए थे। BJP नेता ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि “बिहार की जनता इस यात्रा को गुमराह करने वाली कोशिश समझती है और इसका करारा जवाब देगी।”
यात्रा की शुरुआत से पहले
राहुल गांधी ने यात्रा शुरू करने से पहले माउंटेन मैन दशरथ मांझी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्ष को प्रेरणा बताया। तेजस्वी यादव ने भी दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि देते हुए राहुल गांधी की पोस्ट का समर्थन किया।
माउंटेन मैन दशरथ मांझी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
उनका संघर्ष हमें याद दिलाता है कि अगर इरादे मज़बूत हों तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
जो ठान लिया उसे पूरा करने की उनकी ज़िद और जज़्बा हम सबको हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 17, 2025
क्या है इसका सियासी महत्व !
यह यात्रा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन की रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य BJP के खिलाफ जनता को एकजुट करना और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना है। झारखंड में भी इस यात्रा का प्रभाव देखा जा रहा है, जहां कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह अभियान वहां के मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाएगा।
यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना में ‘वोटर अधिकार रैली’ के साथ होगा, जिसमें इंडिया गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होंगे। यह यात्रा बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकती है, क्योंकि विपक्ष इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई के रूप में पेश कर रहा है।
आप भी सुनिए क्या बोले राहुल गांधी ?







