प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: नई दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय (1, पंडित रवि शंकर शुक्ला लेन) पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के मुद्दे पर केंद्रित थी। ट्रंप ने हाल ही में (अगस्त 2025 में) भारत के रूस से तेल खरीदने के कारण 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया।
केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार (पीएम नरेंद्र मोदी) की आलोचना की, किसानों के हितों की रक्षा न करने का आरोप लगाया और मजबूत जवाब देने की मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को AAP ने लाइव स्ट्रीम किया और मीडिया को औपचारिक निमंत्रण भेजा। इसमें दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता अतिशी और AAP नेता सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे।
ट्रंप टैरिफ का मुद्दा
ट्रंप ने जुलाई-अगस्त 2025 में भारत पर 25% बेसिक टैरिफ लगाया, जो रूस से तेल आयात के कारण 25% अतिरिक्त हो गया, कुल 50%। इससे भारत के निर्यात (विशेषकर कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, हीरे आदि) पर असर पड़ेगा। अनुमान है कि भारत का US निर्यात (कुल $86.5 बिलियन) प्रभावित होगा। भारत सरकार ने इसका जवाब देने के लिए वैकल्पिक बाजार (जैसे UK, जापान, यूरोप) तलाशने और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। विपक्ष (कांग्रेस, AAP) ने इसे “आर्थिक ब्लैकमेल” बताया है।
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या बोले ?
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से ट्रंप के टैरिफ को “गुंडागर्दी” बताया और केंद्र सरकार पर ट्रंप के दबाव में झुकने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों (विशेषकर कपास उत्पादकों) के हितों पर फोकस किया, क्योंकि सरकार ने अमेरिकी कपास पर 11% आयात शुल्क माफ कर दिया है। केजरीवाल ने कहा कि यह फैसला भारतीय किसानों को बर्बाद कर देगा। उन्होंने भारत को मजबूत रुख अपनाने की सलाह दी, जैसे अन्य देशों (चीन, कनाडा) ने किया।
ट्रंप के टैरिफ पर आलोचना और जवाब की मांग
केजरीवाल ने कहा कि ट्रंप कमजोर हैं और मजबूत देशों के आगे झुक जाते हैं। भारत को भी बोल्ड स्टैंड लेना चाहिए। “ट्रंप एक कायर है। ट्रंप उन देशों के आगे झुक गया है जो उसके खिलाफ मजबूती से खड़े हुए हैं। अगर ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाया है, तो हमें अमेरिकी सामानों पर 100% टैरिफ लगाना चाहिए। क्या हम कमजोर राष्ट्र हैं? यह 140 करोड़ लोगों का देश है। हमारा बाजार बहुत बड़ा है। कोई देश भारत को नाराज नहीं कर सकता। पूरे देश का समर्थन होगा।” उन्होंने पीएम मोदी से अपील की: “ट्रंप के दबाव में न आएं। चीन और कनाडा की तरह बोल्ड फैसले लें। हम आपके साथ हैं।”
कपास आयात शुल्क माफी पर किसानों की रक्षा
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ट्रंप के दबाव में अमेरिकी कपास पर 11% आयात शुल्क (ड्यूटी) 40 दिनों (19 अगस्त से 30 सितंबर 2025) के लिए माफ कर दिया। इससे अमेरिकी कपास भारतीय कपास से 15-20 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। भारतीय किसान अपनी कपास नहीं बेच पाएंगे, क्योंकि मिलें सस्ती अमेरिकी कपास खरीदेंगी। केजरीवाल ने इसे “किसानों के साथ विश्वासघात” बताया।
“ट्रंप प्रशासन के 50% टैरिफ से कपास किसान बर्बाद हो रहे हैं। मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाली कपास पर 11% ड्यूटी हटा दी। अब अमेरिकी कपास 15-20 किलो सस्ती है। किसान कहां बेचेंगे अपनी कपास? यह किसानों के साथ धोखा है। ज्यादातर किसान इस फैसले से अनजान हैं, लेकिन इसका असर पड़ते ही वे बर्बाद हो जाएंगे।” “पीएम मोदी से मांग है कि यह आदेश तुरंत वापस लें और अमेरिकी कपास पर 11% ड्यूटी फिर लगाएं। किसानों को बचाएं।”
केंद्र सरकार पर आरोप
केजरीवाल ने कहा कि “सरकार ट्रंप के दबाव में फैसले ले रही है, जो राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। उन्होंने पीएम मोदी की “कमजोरी” का जिक्र किया। उन्होंने कहा “मुझे नहीं पता पीएम मोदी के क्या मजबूरियां हैं कि वे कुछ नहीं बोल रहे। अन्य देशों ने ट्रंप के आगे सिर नहीं झुकाया, उन्होंने ऊंचा टैरिफ लगाया। हमें भी ऐसा ही करना चाहिए।”
केजरीवाल ने व्यापक आर्थिक प्रभाव पर चिंता जताई, जैसे निर्यातकों की परेशानी और अर्थव्यवस्था पर असर। उन्होंने कहा कि “भारत को वैकल्पिक बाजारों (रूस, चीन, यूरोप) पर फोकस करना चाहिए और घरेलू उपभोग को बढ़ावा देना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP नेताओं ने कहा कि “यह मुद्दा चुनावी (दिल्ली विधानसभा चुनाव) भी है, जहां AAP किसानों के मुद्दे को उठाएगी।”
सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि “टैरिफ “अनुचित” हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और उचित कदम उठाए जा रहे हैं।”
अनुमान है कि “टेक्सटाइल सेक्टर (कपास निर्यात) पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। CRISIL रिपोर्ट के अनुसार, डायमंड पॉलिशिंग इंडस्ट्री का रेवेन्यू 28-30% गिर सकता है ($12.5 बिलियन तक)। ट्रंप ने कहा कि “भारत रूस को “युद्ध मशीन” को ईंधन दे रहा है, इसलिए टैरिफ जरूरी।”
अरविंद केजरीवाल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस