नई दिल्ली: महज चार सेकंड और पाकिस्तान की मिट्टी पलीद। वह भी संयुक्त राष्ट्र के भरे मंच पर दुनिया भर के देशों के सामने। यूनाइटेड नेशंस की एक बैठक में इजरायल द्वारा कतर में हमले पर बहस चल रही थी। ह्यूमन राइट्स लॉयर और यूएन वॉच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिलेल नेउर ने कतर पर आतंकवाद का प्रायोजक होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जिस हमास को अमेरिका ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है, साल 2012 से कतर में उसी हमास की ऑफिस है। उन्होंने इजरायल की निंदा के लिए यूएन चीफ को भी लताड़ा। इसी क्रम में हिलेल ने साल 2011 की उस घटना का भी जिक्र किया, जब ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया था। इस पर हिलेल ने बगैर वक्त गंवाए पाकिस्तान को धोकर रख दिया।
असल में यूनाइटेड नेशंस में इजरायल द्वारा हमास पर किए गए हमले को लेकर बहस हो रही थी। तमाम देशों ने कतर का पक्ष लिया और इजरायल के हमले की निंदा की। पाकिस्तान ने भी इजरायल के हमले की निंदा की। इसके बाद ह्यूमन राइट्स वकील हिलेल नेउर के बोलने की बारी आई। हिलेल ने कतर की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि अगर कतर नहीं चाहता कि उसकी राजधानी में आतंकियों पर बम गिरे तो उन्हें वहां आने ही मत दो। कतर, इस्माइल हानियेह, खालेद मशाल और खलील अल-हय्या को लग्जरी होटलों में ठहराता है, जहां से वे आतंकी हमले की योजना बनाते हैं।
इसी क्रम में हिलेल ने कहा कि जब अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मारा तब तो संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इसकी तारीफ की थी। इसी दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने हिलेल के भाषण में बाधा पहुंचाई। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने यूएनएसआरसी चेयरपरसन से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी वक्ता यूएन चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन न करे। साथ ही उन्होंने आरोपों को भी नकारा।
इसके बाद चेयरपरसन ने फिर से नेउर को बोलने का मौका दिया और कहा कि आपके पास अपनी बात खत्म करने के लिए चार सेकंड हैं। इसके बाद नेउर ने जो कहा, वह पाकिस्तानी प्रतिनिधि के लिए और शर्मनाक साबित हुआ। उन्होंने कहा, ‘अध्यक्ष महोदय, पाकिस्तान भी आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश है।’







