Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

दिल्ली में कब बरसेंगी आर्टिफिशियल बारिश की बूंदें? कितना आएगा खर्च

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 29, 2025
in दिल्ली
A A
artificial rain in delhi
15
SHARES
488
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया कल कारगर साबित नहीं हो सकी और आज भी आर्टिफिशियल बारिश कराने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि राजधानी में क्लाउड सीडिंग के सात ट्रायल और होंगे, अभी दो ट्रायल हुए हैं, लेकिन आसमान में छाए बादलों में नमी कम होने से क्लाउड सीडिंग का ट्रायल फिलहाल सफल नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि दो ट्रायल के दौरान कुछ बारिश नोएडा के आसपास हुई है, लेकिन दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर बारिश नहीं हुई है।

आज या कल…कब होगी कृत्रिम बारिश

इन्हें भी पढ़े

rekha gupta

इन कर्मचारियों को CM रेखा ने दी बड़ी सौगात, दूर होगी वेतन और पेंशन की टेंशन

February 8, 2026
police

सोशल मीडिया पर लापता लड़कियों को लेकर फैलाया जा रहा डर, दिल्ली पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों को दी सख्त चेतावनी

February 6, 2026
murder

जनकपुरी में गड्ढे ने ली युवक की जान, रातभर थानों के चक्कर काटता रहा परिवार, सुबह मिली मौत की खबर

February 6, 2026
WhatsApp

व्हाट्सएप पर आया चालान का मैसेज, क्लिक करने पर उड़ गए ₹4 लाख

February 3, 2026
Load More

मौसम विभाग ने बताया है कि दिल्ली में आज बादलों की नमी केवल 15-20 फीसदी है। ऐसे में क्लाउड सीडिंग के लिए जैसे ही बादलों में नमी बढ़ती है तब ये ट्रायल दोबारा किया जाएगा। ​वहीं आईआईटी कानपुर के निदेशक डॉ. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि बादलों में नमी करीब 15 फीसदी ही थी। लेकिन फिर भी हमने बहुत अच्छी तरीके से अच्छी क्लाउड सीडिंग कराई। दिल्ली में 15 जगहों पर मेजरमेंट इक्विपमेंट लगाए हुए थे। सीडिंग के बाद पता चला कि पीएम 2.5 और पीएम 10 में 6 से 10 फीसदी कमी आई है। कम नमी के बावजूद हम क्लाउड सीडिंग करते हैं तो थोड़ा असर प्रदूषण पर जमीन पर दिखता है, ऐसा ही हम भविष्य में और डेटा इकट्ठा करेंगे ताकि क्लाउड सीडिंग बेहतर हो पाए।

अग्रवाल ने कहा कि आज क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया के लिए उपयुक्त माहौल नहीं बन पा रहा है और आने वाली क्लाउड सीडिंग के चरणों के दौरान बादलों में अधिक नमी होने की संभावना है। अगर अधिक नमी होगी तो सीडिंग से अच्छे रिजल्ट आएंगे और आर्टिफिशियलबारिश देखने को मिलेगी। जब नमी और बढ़ जाएगी तो क्लाउड सीडिंग प्रदूषण रोकने के लिए एक माध्यम के तौर पर उपलब्ध है।

कितना आता है खर्च

वहीं आईआईटी कानपुर के निदेशक डॉ. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि पूरे सर्दी के सीजन में क्लाउड सीडिंग पर 25 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं, लेकिन प्रदूषण के खिलाफ जंग को देखते हुए यह ज्यादा नहीं है। उन्होंने बताया कि क्लाउड सीडिंग के लिए एक फ्लाइट कानपुर से दिल्ली गई थी और इस कवायद में करीब 60 लाख रुपये खर्च आया था। हम नियमित तौर पर दिल्ली के आसपास किसी एयरपोर्ट से करेंगे तो कास्ट कम हो जाएगी। आज सीडिंग कास्ट के हिसाब से देखा जाए तो 300 वर्ग फीट में लागत 60 लाख रुपये के आसपास है और 20 हजार प्रति वर्ग फीट यानी एक हजार किलोमीटर में दो करोड़ रुपये खर्च हो जाएंगे।

क्लाउड सीडिंग की क्षमता और उपयोगिता के सवाल पर ​आईआईटी कानपुर के निदेशक डॉ. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि पूरे सर्दी के सीजन में अगर हम  12 बार क्लाउड सीडिंग करते हैं तो 4 महीने के दौरान हर 10 दिन में एक बार ऐसा किया जा सकता है, ऐसे में पूरे सीजन में 25 करोड़ से 30 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं।

प्रदूषण रोकने में कितनी कारगर है क्लाउड सीडिंग

आईआईटी कानपुर के निदेशक डॉ.अग्रवाल ने ये भी माना है कि क्लाउड सीडिंग प्रदूषण रोकने के लिए कोई परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है., लेकिन प्रदूषण से निपटने के लिए यह एक बेहतर अस्थायी उपाय साबित हो सकता है। दिल्ली में प्रदूषण  का जो लेवल है और हर साल दिल्ली की जनता वायु प्रदूषण को लेकर परेशान होती है,  उसको देखते हुए अस्थायी और लंबे समय के उपायों दोनों पर काम करना बेहतर होगा। क्लाउड सीडिंग कैसे होती है क्या प्रक्रिया होती है इस बारे में उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में कॉमन, रॉक सॉल्ट और सिल्वर आयोडाइड यौगिक का इस्तेमाल किया जाता है, जो बादल में वाष्प को संघनित कर बूंद बनाकर नीचे गिरता है, तो बादल से पानी बरसता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Bhagat Singh

13 सालों से चंडीगढ़-मोहाली में अटका भगत सिंह हवाई अड्डे का नाम

March 21, 2022
news

गुमनाम नायक: पत्रकार और उनके परिवार!

October 6, 2023
Centers for Future Skills

देशभर में खुलेंगे 50 सेंटर फॉर फ़्यूचर स्किल्स : केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी

March 3, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सिंधु जल संधि पर ताले के बाद चेनाब पर क्‍या है भारत का प्‍लान?
  • माता वैष्णो देवी के आसपास भी दिखेगा ‘स्वर्ग’, मास्टर प्लान तैयार!
  • ग्रेटर नोएडा में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, 4 गिरफ्तार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.