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दिल्ली ब्लास्ट केस: अल फलाह यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डाउन होने की क्या है रिपोर्ट !

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 13, 2025
in दिल्ली, विशेष
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विशेष डेस्क/नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया। इस धमाके में कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हैं। जांच एजेंसियों ने इसे एक सुनियोजित आतंकी हमला करार दिया है, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा “व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल” का हिस्सा है।

इस मॉड्यूल के केंद्र में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) आ गई है, जहां से जुड़े तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। इसी जांच के बीच यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट (alfalahuniversity.edu.in) डाउन हो गई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। आइए इसे विस्तार में एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रकाश मेहरा से समझते हैं।

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दिल्ली ब्लास्ट कब और कैसे हुआ ?

10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6 बजे दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास एक ह्युंडई i20 कार में विस्फोट हो गया। यह एक वाहन-जनित आईईडी (Vehicle-Borne Improvised Explosive Device) हमला था। मौतों की संख्या 13 तक पहुंच गई (13 नवंबर तक), जिसमें सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर उन्नबी (Umar Un Nabi) भी शामिल है। घायलों की संख्या 20 से अधिक है।

दिल्ली पुलिस, NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) और हरियाणा STF ने छापेमारी की। फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, RDX और अन्य विस्फोटक पदार्थ जब्त किए गए। आतंकी मॉड्यूल में कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लिंक हैं। विदेशी हैंडलर्स (तुर्की और अफगानिस्तान से) के संपर्क में आरोपी थे। डायरी और नोटबुक से पता चला कि 2 साल से हमले की प्लानिंग चल रही थी। संभावित टारगेट में बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ पर हमला शामिल था। कुल 25-30 संदिग्धों की लिस्ट मिली, जिनमें ज्यादातर कश्मीर और फरीदाबाद से हैं।

अल फलाह यूनिवर्सिटी का बैकग्राउंड

स्थापना 1997 में इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में शुरू हुई। 2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला। UGC से मान्यता प्राप्त। फरीदाबाद के धौज गांव में 76 एकड़ कैंपस, मुस्लिम बहुल इलाका। तीन मुख्य कॉलेज: अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, और अल फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन। मेडिकल सेक्शन 2019 से MBBS कोर्स। 650 बेड का चैरिटेबल हॉस्पिटल, जहां मरीजों का मुफ्त इलाज होता है। फैकल्टी में 40% डॉक्टर कश्मीर से हैं। अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित। वाइस चांसलर: प्रो. (डॉ.) भूपिंदर कौर आनंद। चेयरमैन: जवाद सिद्दीकी (मध्य प्रदेश के महू से)।

यूनिवर्सिटी का ब्लास्ट केस से कनेक्शन

गिरफ्तार डॉक्टर: डॉ. मुजम्मिल शकील गनई (Muzammil Shakeel Ganaie): यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर। फरीदाबाद में किराए के दो कमरों से 2,900 किग्रा विस्फोटक बरामद। वह JeM का हैंडलर था। डॉ. उमर उन्नबी (Umar Un Nabi): असिस्टेंट प्रोफेसर (2021 में जॉइन)। ब्लास्ट वाली कार चला रहा था; DNA से पहचान कन्फर्म। 2022 में तुर्की यात्रा से साजिश शुरू। डॉ. शाहीन शाहिद (Shaheen Shahid): मेडिकल फैकल्टी। फंडिंग और प्लानिंग में शामिल। डॉ. अदील राथर (Adeel Rather): यूनिवर्सिटी से जुड़े; गिरफ्तार।

अन्य लिंक बिल्डिंग 17 (बॉयज हॉस्टल), रूम 4 (उमर) और रूम 13 (मुजम्मिल) से डायरी जब्त। इनमें कोडेड मैसेज, 25-30 नाम और 2 साल की प्लानिंग। एक कंपाउंडर और अन्य स्टाफ हिरासत में। 13 लोग (7 डॉक्टर, 5 स्टूडेंट, 1 युवती) पूछताछ के लिए लिए गए। डॉ. निसार-उल-हसन: 2023 में J&K गवर्नर द्वारा टेरर लिंक पर बर्खास्त। बाद में अल फलाह में जॉइन; अब फरार।

NIA ने स्पेशल टीम गठित। ED (Enforcement Directorate) ने फंडिंग जांच शुरू। कैंपस सर्च, CCTV चेक, और ट्रस्ट के दस्तावेज तलब। संदेह: यूनिवर्सिटी लैब में विस्फोटक बनाने की सुविधा?

वेबसाइट डाउन क्यों? हैकिंग और NAAC नोटिस

हैकिंग घटना 11 नवंबर 2025 (ब्लास्ट के एक दिन बाद) शाम को ‘इंडियन साइबर एलायंस’ नामक ग्रुप ने वेबसाइट हैक की। लैंडिंग पेज पर मैसेज “भारत की धरती पर कट्टरपंथी इस्लामिक यूनिवर्सिटी की कोई जगह नहीं। जिहाद करने वालों को पाकिस्तान भेज दो।” यह डिफेसमेंट अटैक था (केवल विजुअल बदलाव)। कुछ घंटों बाद रिस्टोर, लेकिन 13 नवंबर को फिर डाउन।

12 नवंबर को NAAC ने नोटिस जारी। आरोप: एक्सपायर्ड एक्रिडिटेशन दिखाकर फर्जी दावा। यूनिवर्सिटी ने 1997 से A ग्रेड का दावा किया, लेकिन रिन्यूअल नहीं। 7 सवाल पूछे स्टेटस रद्द हो सकता है। इससे वेबसाइट डाउन का कनेक्शन संभव। जांच एजेंसियों की साइबर सर्च या सर्वर लोड से डाउन। NMC (National Medical Commission) भी मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर सवाल उठा रही।

यूनिवर्सिटी की सफाई और प्रतिक्रिया

इस चांसलर भूपिंदर कौर आनंद का बयान (12 नवंबर) “हम दुखी हैं, घटना की निंदा करते हैं। आरोपी डॉक्टर केवल प्रोफेशनल रूप से जुड़े थे संस्थान का कोई लिंक नहीं। कैंपस में कोई केमिकल स्टोरेज नहीं। हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे।” फर्जी खबरों को “बदनाम करने की साजिश” बताया। स्टूडेंट्स और स्टाफ डरे हुए। NIA, हरियाणा STF और दिल्ली पुलिस की टीमें सर्च कर रही।

अब तक क्या हुआ ?

गिरफ्तारियां 8+ (3 यूनिवर्सिटी डॉक्टर सहित)13 हिरासत में। लखनऊ और कश्मीर में छापे। जब्त सामान 2,900 किग्रा विस्फोटक, AK-47, डायरी, CCTV फुटेज। अंतरराष्ट्रीय लिंक तुर्की/अफगानिस्तान हैंडलर; Rs 20 लाख फंडिंग। ED जांच। भविष्य की साजिश 2 और कारें (फोर्ड ईकोस्पोर्ट, मारुति ब्रेजा) मॉडिफाई; 26/11 जैसा प्लान। यूनिवर्सिटी पर असर NAAC नोटिस; NMC जांच; वेबसाइट डाउन; संभावित मान्यता रद्द।

NIA की जांच जारी है। पीएम मोदी ने चुप्पी तोड़ी, कहा “सख्त कार्रवाई होगी।” अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने भारत की हैंडलिंग की तारीफ की। यह मामला “शिक्षित आतंकवाद” का उदाहरण बन गया है, जहां प्रोफेशनल्स को रेडिकलाइज किया गया।

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