प्रकाश मेहरा
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आज़ादी के बाद पहली बार उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम “महाकौथिंग” का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक सांस्कृतिक महोत्सव 18 जनवरी को श्री दक्षिणेश्वर केदारनाथ मंदिर परिसर, एल्मपेट (मेढ़चल) में आयोजित होगा।
इस अवसर पर मलकाजगिरी लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद एटेला राजेंद्र कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। आयोजन समिति द्वारा भेजे गए औपचारिक निमंत्रण को स्वीकार करते हुए उन्होंने अपनी उपस्थिति की स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे आयोजकों और उत्तराखंड समाज में उत्साह का माहौल है।
प्रवासी उत्तराखंडवासियों को जोड़ने का प्रयास
कार्यक्रम के आयोजक ठाकुर जयपाल नयाल ने बताया कि महाकौथिंग का मुख्य उद्देश्य दक्षिण भारत में निवास कर रहे प्रवासी उत्तराखंडवासियों को उनकी मूल सांस्कृतिक जड़ों, परंपराओं और लोक विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उत्तराखंड समाज दक्षिण भारत में रहते हुए भी अपनी संस्कृति को जीवित रखे हुए है और यह आयोजन उसी सांस्कृतिक चेतना को एक मंच प्रदान करेगा।
लोकसंस्कृति की झलक
महाकौथिंग कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक-संस्कृति पर आधारित अनेक रंगारंग प्रस्तुतियाँ देखने को मिलेंगी। इनमें— पारंपरिक लोकनृत्य। मधुर लोकगीत। ढोल, दमाऊं जैसे लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति । उत्तराखंड की कला, वेशभूषा और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन। शामिल हैं। यह आयोजन न केवल उत्तराखंडवासियों के लिए, बल्कि अन्य राज्यों के लोगों के लिए भी देवभूमि की संस्कृति को जानने और समझने का एक अनूठा अवसर होगा।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
दक्षिण भारत में पहली बार इस स्तर पर आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि महाकौथिंग भविष्य में एक वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।






