नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी व समय पर भुगतान को लेकर सरकार ने बड़ा भरोसा दिलाया है। विकसित भारत–रोजगार व आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना के तहत अब श्रमिकों को काम के बदले भुगतान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सीधे खाते में राशि पहुंचेगी। तय समय-सीमा के भीतर मजदूरी न मिलने पर ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा।
प्रभारी मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण ने पत्रकारों से बातचीत में रखीं योजनाओं की विशेषताएं
शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने इस योजना की प्रमुख विशेषताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को पहले के 100 दिन की बजाय अब 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। अगर किसी कारणवश काम उपलब्ध नहीं कराया जा सका तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है। सबसे अहम बात यह है कि मजदूरी का भुगतान 14 दिन के भीतर डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में किया जाएगा।
अगर भुगतान 15वें दिन के बाद होता है तो श्रमिक को ब्याज सहित राशि मिलेगी। इससे मजदूरों के अधिकार सुरक्षित होंगे और व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा।
योजना, आयुष्मान भारत की तर्ज पर तकनीक आधारित होगी
प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह योजना आयुष्मान भारत की तर्ज पर तकनीक आधारित होगी। बायोमेट्रिक हाजिरी से फर्जी नाम, मस्टररोल में गड़बड़ी व धन की लीकेज पर रोक लगेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना है। योजना के तहत गांवों में सड़क, पुल, मरम्मत कार्य, नव निर्माण व तीर्थ स्थलों के सुंदरीकरण जैसे कार्य कराए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और पलायन पर अंकुश लगेगा। वित्तीय ढांचे की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि योजना में 60 प्रतिशत धन केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी।







