प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
चमोली : चमोली जनपद के सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ में नशा मुक्ति को लेकर एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान महिला मंगल दल एवं युवा मंगल दल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें गांव के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा की और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है। विशेष रूप से सैनिक बाहुल्य क्षेत्रों में युवाओं का स्वस्थ और अनुशासित रहना अत्यंत आवश्यक है।
नशे की बिक्री और सेवन पर रोक
महिला मंगल दल की सदस्यों ने बताया कि नशे की लत के कारण कई परिवार आर्थिक और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने गांव में नशे की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। वहीं युवा मंगल दल के सदस्यों ने युवाओं से खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
अभियान के अंत में उपस्थित लोगों को नशा न करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
गौरतलब है कि उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में नशा मुक्ति को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से नशे के खिलाफ यह आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। सवाड़ गांव में आयोजित यह अभियान भी उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।







