नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा में धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रविवार दोपहर सेक्टर 36 स्थित एक बेसमेंट में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान पति पत्नी, साली समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। यहां ईसाई धर्म अपनाने के उद्देश्य से लोगों को इकट्ठा किया गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया।
सेक्टर में रहने वाले लोगों को जब यह जानकारी हुई तो उन्होंने वहां पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मकान के बेसमेंट में जाकर जांच की तो पता चला कि वहां पर कुछ ईसाई धर्म से जुड़ी किताबें और करीब 12 लोग प्रार्थना सभा में मौजूद थे। इसके बाद मौके से एक युवक उसकी पत्नी, साली समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। यहां उनसे पूछताछ की जा रही है कि आखिर यहां पर किस तरह की प्रार्थना सभा आयोजन की जा रही थी।
बच्चों को बुलाकर धर्मपरिवर्तन
वहीं सेक्टर के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि यहां पर आसपास के बच्चों को बुलाकर जबरन उनका धर्मांतरण किया जा रहा था। सेक्टर के लोग इकट्ठा हुए और वहां पर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने जब बेसमेंट में जाकर देखा तो वहां पर ईसाई धर्म की किताबें, दीवार पर ईसाई धर्म का चिन्ह और दीवारों पर कई तरह की शब्द लिखे पाए गए हैं।
थाना प्रभारी बीटा 2 विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर 36 के एक बेसमेंट में रविवार को एक ईसाई धर्म से जुड़ी प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। पुलिस जांच में सामने आया है की प्रार्थना सभा का आयोजन टैक्सी चालक सुरेश द्वारा किया जा रहा था। उसके साथ उसकी पत्नी, साली और एक अन्य व्यक्ति चंद करन भी मौजूद था।
इनके द्वारा कुछ महिलाएं को इकट्ठा कर उनहे ईसाई धर्म के बारे में बारे में बताया जा रहा था और धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इन सभी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किस मकसद से यह प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी और इसमें शामिल लोगों को किस तरह का प्रलोभन या दबाव तो नहीं दिया गया।







