Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

भारत पाकिस्‍तान पर करने जा रहा एक और ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 19, 2026
in राष्ट्रीय
A A
india-pakistan
13
SHARES
425
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। पाकिस्‍तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आतंकवाद फैलाने का उसको इतना बड़ा दंड मिलेगा. भारत आतंकवादियों के पनाहगार देश पर ताबड़तोड़ ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’ कर रहा है. कुछ लोग इसे वॉटर स्‍ट्राइक भी कह रहे हैं. पहलगाम टेरर अटैक के बाद भारत ने तकरीबन सात दशक पुराने सिंधु जल समझौते (IWT) को ठंडे बस्‍ते में डाल दिया है. इस करार के तहत भारत को रावी, ब्‍यास ओर सतलज नदी पर अधिकार मिला, जबकि पाकिस्‍तान के ह‍िस्‍से में सिंधु, झेलम और चेनाब नदी गई. IWT को ठंडे बस्‍ते में डालने के बाद भारत ने जम्‍मू-कश्‍मीर में लंबित प्रोजेक्‍ट पर काम करना शरू कर दिया है.

भारत दुलहस्‍ती फेज-2 और सावलकोट प्रोजेक्‍ट पर काम को आगे बढ़ाने का ऐलान कर चुका है. ये दोनों प्रोजेक्‍ट चेनाब नदी पर बनाए जाएंगे. इसके बाद भारत ने अब एक और प्रोजेक्‍ट पर काम को आगे बढ़ाने की बात कही है. झेलम नदी पर वुलर बैराज (जिसे तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्‍ट) के काम में अब तेजी लाइ जाएगी. IWT की वजह से यह प्रोजेक्‍ट पिछले 40 साल से अटका हुआ है. इन सभी परियोजनाओं पर पाकिस्‍तान की तरफ से सवाल उठाए जाते रहे हैं. अब जबकि यह संधि ही अमल में नहीं है तो भारत के लिए रास्‍ता पूरी तरह से साफ हो गया है. इन तीनों प्रोजेक्‍ट का काम पूरा होने के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर के साथ ही अन्‍य राज्‍यों को भी इसका फायदा मिलने की उम्‍मीद है. वहीं, पाकिस्‍तान एक-एक बूंद पानी के लिए तरस जाएगा.

इन्हें भी पढ़े

ED

रियल एस्टेट घोटाले में ED का एक्शन, Ansal Hub-83 प्रोजेक्ट की 82 करोड़ की संपत्ति जब्त

February 19, 2026
rare earth metals in india

चीन के भरोसे नहीं बैठेगा भारत, रेयर अर्थ मेटल का निकाल लिया तोड़!

February 19, 2026
rafale fighter jets

राफेल के मामले में फ्रांस को ही टक्कर देगा भारत!

February 19, 2026
places of worship act

क्या है प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट? उल्लंघन पर कितनी सजा

February 18, 2026
Load More

जम्मू-कश्मीर में झेलम नदी पर प्रस्तावित वुलर बैराज परियोजना को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. केंद्र सरकार के साथ समन्वय में भारत ने लंबे समय से ठप पड़ी वुलर बैराज (जिसे तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट भी कहा जाता है) को पुनर्जीवित करने का फैसला किया है. यह कदम पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के लगभग 9 महीने बाद उठाया गया है और इसे जल संसाधन प्रबंधन की दिशा में अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. वुलर बैराज का उद्देश्य झेलम नदी के पानी को रेगुलेट करते हुए वुलर झील में जलस्तर को स्थिर बनाए रखना और सालभर नेविगेशन की सुविधा सुनिश्चित करना है.

यह परियोजना चार दशक से अधिक समय से विभिन्न कूटनीतिक दबावों और सुरक्षा चुनौतियों के कारण अटकी हुई थी. वर्ष 1984 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन 1989 में उग्रवाद और अलगाववादी हिंसा के चलते काम रोकना पड़ा था. बाद में 2010 में परियोजना को फिर से शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन 2012 में सोपोर के निंगली क्षेत्र में आतंकी हमले के बाद मजदूरों को काम छोड़कर भागना पड़ा और निर्माण कार्य एक बार फिर बंद हो गया. पाकिस्तान लगातार इस परियोजना का विरोध करता रहा है. उसका तर्क रहा है कि यह 1960 की सिंधु जल संधि के तहत उसके जल अधिकारों के लिए खतरा है.

ठंडे बस्‍ते में सिंधु जल संध‍ि
सिंधु जल संधि (जो विश्व बैंक की मध्यस्थता में 1960 में हुई थी) के तहत पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चेनाब) पर पाकिस्तान को प्राथमिक अधिकार दिए गए थे, जबकि भारत को पूर्वी नदियों का प्रमुख यूजर माना गया. इस संधि के तहत भारत को पश्चिमी नदियों जलविद्युत परियोजनाओं की अनुमति तो थी, लेकिन बड़े पैमाने पर जल भंडारण (Water Storage) पर कई प्रतिबंध थे. अप्रैल में पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को स्थगित करने का फैसला लिया.

इसके बाद भारत अब पश्चिमी नदियों पर परियोजनाओं के लिए पाकिस्तान से पूर्व अनुमति या परामर्श की बाध्यता से मुक्त हो गया है. इसी नई परिस्थिति में वुलर बैराज को रिवाइव करने की प्रक्रिया तेज हुई है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बताया कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर दो प्रमुख परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है, जो संधि के रहते संभव नहीं थीं. इनमें वुलर बैराज के अलावा अखनूर में चेनाब नदी से जम्मू शहर के लिए लिफ्ट जलापूर्ति योजना भी शामिल है. पहले इस योजना को एशियाई विकास बैंक से मिलने वाली फंडिंग IWT संबंधी अड़चनों के कारण प्रभावित हुई थी.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Russian President Vladimir Putin

फ्रांस में सियासी उलटफेर

June 29, 2022
india economy

क्यों हो रहा है भारतीय रुपए का अवमूल्यन!

December 6, 2025

भारत में ‘पुलिस राज’ कब खत्म होगा?

July 19, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सौर ऊर्जा में उत्तराखंड बना अग्रणी राज्य!
  • हिंदुओं से भेदभाव कर रही दिल्ली पुलिस?
  • क्यों टीम इंडिया है वर्ल्ड चैंपियन बनने की टॉप दावेदार?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.