प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग आज शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा। दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ही इन सभी राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद सरकारें किसी नई योजना या लोक-लुभावन घोषणा की घोषणा नहीं कर सकेंगी।
इन पांच राज्यों के चुनाव केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके नतीजे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय कर सकते हैं। कहीं सत्ता बचाने की चुनौती है तो कहीं पहली बार सत्ता हासिल करने की जद्दोजहद।
पांच राज्यों की विधानसभा सीटें
- पश्चिम बंगाल – 294
- तमिलनाडु – 234
- केरल – 140
- असम – 126
- पुडुचेरी – 30
बंगाल: ममता की प्रतिष्ठा, बीजेपी की सबसे बड़ी चुनौती
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2011 से सत्ता में हैं और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस लगातार तीन चुनाव जीत चुकी है। अगर 2026 में भी जीत मिलती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना सकती हैं।
हालांकि इस बार बीजेपी मुख्य चुनौती के रूप में सामने है। 2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटें जीती थीं जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं। ममता के 15 साल के शासन के कारण सत्ता विरोधी लहर भी एक बड़ा मुद्दा बन सकती है।
तमिलनाडु: डीएमके बनाम AIADMK के बीच तीसरे मोर्चे की एंट्री
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द रही है। 2021 में एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने 133 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी।
इस बार मुकाबला और रोचक हो गया है क्योंकि सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कज़गम (TVK) भी मैदान में है। इससे डीएमके और एआईएडीएमके के बीच चलने वाली पारंपरिक लड़ाई त्रिकोणीय बन गई है।
केरल: लेफ्ट का आखिरी किला बचाने की लड़ाई
केरल देश का एकमात्र राज्य है जहां वामपंथी सरकार सत्ता में है। 2021 में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर परंपरा तोड़ी थी। इस बार एलडीएफ के सामने कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ मजबूत चुनौती के रूप में खड़ा है। अगर पिनराई विजयन तीसरी बार जीत हासिल करते हैं तो यह एक बड़ा रिकॉर्ड होगा। वहीं कांग्रेस दस साल के राजनीतिक वनवास को खत्म करना चाहती है।
असम: बीजेपी की हैट्रिक या कांग्रेस की वापसी
असम में बीजेपी 2016 से सत्ता में है और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। 2021 के चुनाव में एनडीए ने 126 में से 75 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी। कांग्रेस ने बीजेपी को रोकने के लिए आठ दलों के साथ गठबंधन किया है। यहां बांग्लादेशी घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और असमिया पहचान जैसे मुद्दे चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पुडुचेरी: एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक
पुडुचेरी में 2021 में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस और बीजेपी गठबंधन ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर सरकार बनाई थी। एन. रंगासामी मुख्यमंत्री बने थे। इस बार कांग्रेस डीएमके के साथ मिलकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में 2021 में एनडीए गठबंधन ने 16 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।
राष्ट्रीय राजनीति पर असर
इन पांच राज्यों के चुनावों को 2026 के सबसे अहम राजनीतिक मुकाबलों में माना जा रहा है। एक तरफ बीजेपी दक्षिण और पूर्व भारत में अपने विस्तार की कोशिश कर रही है, वहीं क्षेत्रीय दल और विपक्षी गठबंधन अपनी सत्ता बचाने और राजनीतिक वजूद कायम रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं।







