नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बने तनाव के हालात के चलते पाकिस्तान उर्जा संकट से जूझ रहा है. उसके पास कुछ ही वक्त का कच्चे तेल का स्टॉक बचा है. यह बात खुद पाकिस्तान ने स्वीकार की है. साथ ही कहा है कि उसके पास भारत की तरह रणनीतिक तेल भंडार नहीं है. दुनिया में तेल की कीमतें बढ़कर $126 प्रति बैरल पहुंच गई है. पाकिस्तान में यह हालात हॉर्मुज को लेकर बने तनाव और नाकेबंदी की वजह से हुए हैं.
पेट्रोलियम मंत्री बोले- हमारे पास 5 से 7 दिन का तेल है
समा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसे एक गंभीर चुनौती बताया है. साथ ही कहा है कि हमारे पास कोई रणनीतिक तेल का भंडार नहीं है. हमारे पास केवल व्यावसायिक भंडार है. साथ ही बताया कि इस्लामाबाद के पास पांच से सात दिन का ही तेल बचा है.
इधर, ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में लोग सड़कों पर निकल रहे हैं. ईधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है. इसमें 42.7 प्रतिशत का उछाल शामिल है. यहां कीमतें PKR 321.17 से बढ़कर PKR 458.41 हो गईं है. इधर, शनिवार को भारत में ईंधन की कीमतें (पेट्रोल की 94.77 रुपए प्रति लीटर) और (डीजल 87.67 रुपए प्रति लीटर) हैं.
इधर मलिक ने बताया कि अब डीजल की कीमतें 3 से 4 गुना बढ़ गई है. डीजल पर लेवी को घटाकर शून्य कर दिया गया है. पूरा बोझ पेट्रोल पर डालने का फैसला किया गया है. साथ ही बताया कि हमने IMF के साथ गुप्त बातचीत की और उन्हें लेवी में 80 रुपये प्रति लीटर की कमी करने के लिए राजी किया.
भारत से तुलना कर क्या बोले पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री
मलिक ने दावा किया है कि भारत के पास अनुमानित तौर पर 60 से 70 दिनों का संयुक्त रणनीतिक और व्यवसायिक तेल भंडार है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत के पास न केवल 600 अरब डॉलर का भंडार है, बल्कि वे रणनीतिक भंडार भी बनाए रखते हैं. यह दोहरा लाभ नई दिल्ली को इस संकट के असर को कम करने में मदद करता है.
इधर भारत में तेल को लेकर स्थिति स्थिर बनी हुई है. पेंट्रोलियम मंत्रालय ने अपने बयान में बताया था कि देश के पास अभी लगभग 60 दिनों का वास्तविक तेल भंडार मौजूद है. भारत में अभी लगभग 8 लाख टन एलपीजी का भंडार भी है.







