नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने पानी की क्वालिटी की रियल-टाइम निगरानी के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत साउथ दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में एक ऑनलाइन वाटर एनालाइजर लगाया गया है, जो पानी में pH, टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (TDS) और क्लोरीन जैसे महत्वपूर्ण मानकों की लगातार जांच करेगा।
मालवीय नगर से भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने बताया कि अगर यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो इस तकनीक को पूरे दिल्ली में लागू किया जाएगा, जिससे पानी की गुणवत्ता की निगरानी और बेहतर हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि करीब 10 दिन पहले गुलमोहर पार्क क्षेत्र में पानी के दूषित होने की शिकायतें मिली थीं, जिन्हें दिल्ली जल बोर्ड ने दूर किया। चूंकि पानी की पाइपलाइनें जमीन के नीचे होती हैं, इसलिए इस तरह के वाटर एनालाइजर की मदद से पानी में pH, TDS और क्लोरीन के स्तर की जांच की जा सकेगी।
पूरे शहर में लागू करने की योजना
उपाध्याय ने कहा, “यह तकनीक पानी में किसी भी प्रकार के प्रदूषण और उसके स्रोत की पहचान करने में मदद करेगी। अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो दिल्ली जल बोर्ड इसे पूरे शहर में लागू करेगा।” उन्होंने बताया कि यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत स्थापित की जा रही है और इसका पूरा सेटअप एक सप्ताह के भीतर तैयार हो जाएगा।
वहीं, अतुल बल, जो गुलमोहर पार्क आरडब्ल्यूए (RWA) के अध्यक्ष हैं, ने कहा कि तीन सप्ताह पहले इलाके में पानी दूषित होने की समस्या शुरू हुई थी। शिकायत मिलने के बाद विधायक कार्यालय और दिल्ली जल बोर्ड ने मिलकर करीब दो सप्ताह तक काम किया और विभिन्न स्थानों पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की।
अतुल बाल ने कहा, “आज पानी के दूषित होने की समस्या पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। विधायक कार्यालय और दिल्ली जल बोर्ड ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की और समाधान निकाला।”
दक्षिण दिल्ली की पॉश कॉलोनी गुलमोहर पार्क में पिछले दो हफ्तों से पीने के पानी की पाइपलाइनों में सीवर का मिला हुआ पानी आ रहा है। यह आलेख लिखे जाने तक दिल्ली जल बोर्ड यह पता नहीं लगा पाया था कि गंदा पानी पाइपलाइन में किस जगह से घुस रहा है। गंदे पानी के संपर्क में आने से कई निवासी बीमार पड़ गए हैं और लोगों को अपनी रोजाना की जरूरतों के लिए पानी के टैंकरों और बोतलबंद पानी का सहारा लेना पड़ रहा है।







