नई दिल्ली। एकमात्र भारतीय पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माने जाने को लेकर विदेश मंत्रालय का बयान क्या आया, कांग्रेस भी सोशल मीडिया पर चल रहे विवाद में कूद पड़ी। लेकिन, यहां विपक्षी पार्टी को सत्ताधारी बीजेपी की ओर से करारा जवाब दिया गया है।
अपने ही दस्तावेजों को नकार रही सरकार-कांग्रेस
कांग्रेस सांसद और सीडब्ल्यूसी के सदस्य सैयद नासीर हुसैन ने भारतीय नागरिकता से संबंधित दस्तावेजों को लेकर एक अखबार की रिपोर्ट को शेयर करते हुए मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की है। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद ने एक्स पर मोदी सरकार के खिलाफ आरोप लगाते हुए लिखा,’नागरिकता के प्रमाण के तौर पर मोदी सरकार पहचान के लिए अपने ही महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रमाणिकता को अमान्य ठहरा रही है। आधार नहीं। पैन कार्ड नहीं…वोटर आईडी नहीं, भारतीय पासपोर्ट नहीं। विदेश मंत्रालय, भारत सरकार जवाब दे। अगर भारतीय पासपोर्ट नहीं करेगा तो और कौन दस्तावेज कर सकता है।’
तब बिना किसी आपत्ति के एनआरसी को स्वीकार करें-बीजेपी
मोदी सरकार पर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर बीजेपी के महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने बहुत ही जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का जिक्र कर पार्टी की दुखती रग पर हाथ रखने की कोशिश की है।
भारतीय नागरिकता को लेकर क्यों शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि पासपोर्ट ‘प्राथमिक तौर पर एक यात्रा दस्तावेज है’ और यह भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं है।
नागरिकता और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर जारी बहस की वजह से यह एक नया मुद्दा बन गया।
इसको लेकर खूब विवाद शुरू हो गया।
इसके बाद सरकार ने पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 20 के तहत स्पष्टीकरण भी जारी किया, जिसमें गैर-नागरिकों के लिए भी पासपोर्ट जारी करने की व्यवस्था है।
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) क्या है
- एनआरसी मूल रूप भारत के कानूनी नागरिकों का एक आधिकारिक रजिस्टर है।
- इसमें उन सभी लोगों की डेमोग्राफिक जानकारी शामिल होती है, जो भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारत की नागरिकता रखने की योग्यता रखते हैं।
- पहली बार यह रजिस्टर 1951 की जनगणना के तुरंत बाद तैयार किया गया था।
- असम भारत का एकमात्र ऐसा प्रदेश है, जहां अब एक अपडेटेड एनआरसी तैयार है।
- भारत में इस समय राष्ट्रीय स्तर पर कोई भी देशव्यापी एनआरसी लागू नहीं है।
- एनआरसी पर कांग्रेस का दो तरह का स्टैंड है।
- असम के एनआरसी का तो यह समर्थन करती है और इसका श्रेय लेने की भी कोशिश करती है।
- लेकिन, देशव्यापी एनआरसी करवाए जाने के प्रस्ताव की यह कट्टर विरोधी है।







