नई दिल्ली। चीनी के बाद अब प्याज की कीमतें 55 से 60 रुपए किलो तक पहुंच गई हैं. दामों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए सरकार दिल्ली-एनसीआर समेत कई जगहों पर रियायती कीमतों पर प्याज उपलब्ध कराने की योजना बना रही है. कीमतों में उछाल के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. पहला, मार्च और अप्रैल में कटने वाली रबी की फसल का स्टॉक खत्म होने के कारण बाजार में इसकी सप्लाई कम हो गई है. दूसरा, बारिश के कारण गोदाम में रखा पुराना प्याज सड़ने लगा. तीसरी, त्योहारी सीजन में प्याज की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. प्याज उत्पादन के मामले में भारत दूसरे देशों से पीछे नहीं है.
भारत उन टॉप देशों में जो दुनियाभर में सबसे ज्यादा प्याज उगाते हैं. भारत, चीन और इजिप्ट सबसे ज्यादा प्याज की पैदावार करते हैं. अब सवाल है कि प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है.
प्याज का सबसे बड़ा उत्पादन कौन?
भारत और चीन, दोनों ही प्याज उत्पादन में सबसे आगे हैं. दोनों की पैदावार में बहुत कम अंतर है. कभी भारत पहले नम्बर पर रहता है तो कभी चीन. वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के आंकड़े बताते हैं, भारत प्याज के उत्पादन में पहले पायदान पर है. चीन दूसरे नम्बर पर है. वहीं, इजिप्ट तीसरे पायदान पर है.
साल 2023 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 30.2 मिलियन टन प्याज की पैदावार हुई. वहीं चीन में 29.9 मिलियन टन और इजिप्ट में 3.8 मिलियन टन प्याज का उत्पादन हुआ.
भारत सबसे ज्यादा प्याज उगाने वाले राज्य?
देश के कुछ चुनिंदा राज्य सबसे ज्यादा प्याज उगाने के लिए जाने जाते हैं. भारत सरकार का वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, प्याज का उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा हैं. 2024-25 में प्याज उत्पादन में 44.07% हिस्सेदारी के साथ महाराष्ट्र पहले स्थान पर है. उसके बाद 14.44% हिस्सेदारी के साथ मध्य प्रदेश का स्थान है.
भारतीय प्याज का सबसे बड़ा खरीदार देश
DGCIS के मुताबिक, दुनिया के कई देशों में भारतीय प्याज की मांग हैं. इसके सबसे बड़े खरीदार देशों में मलेशिया, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, बांग्लादेश, कतर और कुवैत शामिल हैं. प्याज का इस्तेमाल करी, ग्रेवी, सूप, सलाद, बर्गर, सॉस और तले हुए स्नैक्स के अलावा भी कई तरह से किया जाता है. प्याज पाउडर और सूखे प्याज जैसे प्रोसेस्ड प्याज उत्पादों का भी पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होता है. रेस्टोरेंट और फास्ट-फूड चेन बड़ी मात्रा में प्याज की खपत करते हैं.
भारत इसकी पैदावार में क्यों है आगे?
प्याज की पैदावार के मामले में भारत के आगे होने की कई वजह हैं.
- अनुकूल जलवायु और मिट्टी: भारत में अनुकूल कृषि जलवायु परिस्थितियां और अलग-अलग तरह की मिट्टी हैं जो प्याज की खेती के लिए आदर्श हैं. जैसे- महाराष्ट्र की बलुई मिट्टी प्याज उगाने के लिए आदर्श है. भारत में गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टियां अच्छी जल निकासी, नमी धारण क्षमता और जैविक पदार्थ सामग्री के साथ सबसे बेहतर हैं.
- साल भर खेती करने की सुविधा: भारत में अलग-अलग मौसम प्याज को साल भर (रबी, खरीफ और देर से खरीफ) देश भर में उगाने के लिए परफेक्ट हैं.यह अन्य देशों में संभव नहीं है. महाराष्ट्र में साल में दो बार प्याज की फसल होती है- एक नवंबर में और दूसरी मई के महीने के करीब.
- वैरायटी: राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में भी किसानों ने बलुई दोमट मिट्टी और आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करके प्याज उगाना सीखा है. भारत के अलग-अलग क्षेत्रों ने अपनी-अपनी जलवायु के लिए विशेष प्रकार की प्याज की किस्में विकसित की हैं.
- स्टोरेज: महाराष्ट्र के नासिक जिले में लासलगांव मंडी एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी है, जो लम्बे समय के लिए प्याज के भंडारण की क्षमता रखती है. भारत का प्याज लंबे समय तक संरक्षित रहता है, जिससे निर्यात संभव होता है.







