Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

सिंधु जलसंधि से न‍िकलने से भारत को रोक नहीं सकते अंतरराष्‍ट्रीय कानून, पाकिस्तान की बोलती बंद?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 27, 2026
in राष्ट्रीय, विश्व
A A
indus water treaty
24
SHARES
785
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। क्या दुनिया की कोई भी अंतरराष्ट्रीय संस्था या अदालत भारत जैसे एक मजबूत और संप्रभु देश को उसके राष्ट्रीय हितों के खिलाफ जाने के लिए मजबूर कर सकती है? सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) पर चल रहे हालिया विवाद ने इस सवाल का एक बेहद स्पष्ट कर दिया है कि बिल्कुल नहीं। पाकिस्तान भारत को अंतर्राष्ट्रीय अदालत और वर्ल्ड बैंक के जरिए घेरना चाहता है लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि ‘खून और पानी साथ नहीं बह सकते।’

पाकिस्तान की शह पर अंतरराष्ट्रीय अदालतों और कथित न्यूट्रल एक्सपर्ट ने भले ही बिना भारत की भागीदारी के अपनी कार्यवाही जारी रखने का फैसला किया हो लेकिन भारत के कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय कानून की सीमाओं और उसकी बेबसी की पोल खोलकर रख दी है। आइए समझते हैं कि कैसे भारत ने अपने रणनीतिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस पूरे सिस्टम को आईना दिखाया है।

इन्हें भी पढ़े

gyanesh kumar

SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल, ज्ञानेश कुमार ने तबादलों की झड़ी लगा दी

October 17, 2026
pension schemes

सरकार ने बदली पेंशन योजनाओं के नाम, जानें लाभार्थियों पर क्या होगा असर

October 17, 2026
india economy

भारत को अपना लक्ष्य पाने के लिए कितनी विकास दर की जरूरत!

October 17, 2026
cji suryakant

CJI सूर्यकांत का बेंगलुरु में बड़ा बयान, बोले- कुछ बाहरी ताकतों की वजह से…

October 17, 2026
Load More

सिंधु जल समझौते पर भारत का ‘मजबूत स्टैंड’

हैरानी की बात ये है कि सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के हितों में बात करने वाले पहलगाम आतंकी हमले या उससे पहले पाकिस्तान की तरफ से प्रायोजित आतंकवाद की बात तक नहीं कर रहे। इसीलिए भारत अब ऐसे कथित एक्सपर्ट्स को अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों को आइना दिखा रहा है। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में भारत के दो अहम हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स हैं किशनगंगा और रतले को विवादित करने की खूब कोशिश की।

जबकि भारत इन प्रोजेक्ट्स के जरिए अपने हिस्से के पानी का पूरी तरह से कानूनी और तकनीकी इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी पुरानी आदत के अनुसार इसे विवादित बनाने की कोशिश की और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का दरवाजा खटखटाया। भारत का साफ मानना है कि एक ही विवाद के लिए दो समानांतर प्रक्रियाएं नहीं चल सकतीं, क्योंकि यह 1960 की सिंधु जल संधि के नियमों के ही खिलाफ है। इसी तकनीकी और कानूनी खामी को आधार बनाते हुए

भारत ने इस दोषपूर्ण और एकतरफा कार्यवाही का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है।

नई दिल्ली ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी ऐसे अंतरराष्ट्रीय फैसले को मानने के लिए बाध्य नहीं है जो उसकी संप्रभुता और संधि के मूल ढांचे का उल्लंघन करता हो।

भारत का यह कदम दिखाता है कि वह अब कूटनीतिक दबाव में झुकने वाला देश नहीं है।

ऐसे में पाकिस्तान कभी रोता है तो कभी भारत को जंग की धमकी देता है। पाकिस्तान ने पिछले दिनों इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि को लेकर एक कॉन्फ्रेंस तक का आयोजन कर चुका है। पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अपने पाले में करने की केोशिश की लेकिन भारत साफ कर चुका है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजना बंद नहीं करता सिंधु जल संधि को फिर से बहाल नहीं किया जाएगा।

कई लोग आरोप लगा रहे हैं कि परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन में न्यूट्रल एक्सपर्ट की कार्यवाही अभी भी लंबित है। यह कार्यवाही भारत की रातले और किशनगंगा हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजनाओं से जुड़ी है और इसे सिंधु जल संधि के आर्टिकल IX और एनेक्ज़र F के तहत शुरू किया गया था। लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों को कैसे आइना दिखा रहा भारत?

भारत के इनकार के बाद पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स आरोप लगा रहे हैं कि इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की एक बहुत बड़ी कमजोरी को उजागर किया है। संस्थाएं अदालतें लगा सकती हैं, विशेषज्ञों की नियुक्ति कर सकती हैं और फैसले सुना सकती हैं लेकिन वे भारत जैसे एक शक्तिशाली देश पर अपने राजनीतिक या एकतरफा फैसलों को थोप नहीं सकतीं। PCA भले ही कह दे कि भारत की गैर-मौजूदगी से उनकी कार्यवाही नहीं रुकेगी लेकिन सच यह है कि बिना भारत की सहमति के उनके किसी भी फैसले की कोई अहमियत नहीं है।

भारत ने बिना कार्यवाही में शामिल हुए ही यह साबित कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं प्रक्रिया को जिंदा रख सकती हैं लेकिन वे ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति’ या संप्रभु देशों की सहमति का निर्माण नहीं कर सकतीं।

पाकिस्तान की चाल और वर्ल्ड बैंक की सीमाएं

साल 1960 में वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जलह संधि हुई थी। वर्ल्ड बैंक का काम इस संधि को तकनीकी रूप से चलाना था। लेकिन जब पाकिस्तान ने पानी के मुद्दे को रणनीतिक और राजनीतिक हथियार बनाना शुरू किया तो वर्ल्ड बैंक भी फंस गया। दिसंबर 2016 में वर्ल्ड बैंक ने ‘न्यूट्रल एक्सपर्ट’ और ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ के चेयरमैन दोनों की नियुक्ति की प्रक्रिया रोक दी थी। यह रोक आखिरकार 2022 में हटाई गई, जिसके बाद दोनों तंत्र बनाए गए। बाद में PCA ने संधि के तहत वर्ल्ड बैंक की भूमिका को खास लेकिन मुख्य रूप से प्रशासनिक बताया।

भारत ने अब साफ कर दिया है कि कश्मीर के विकास और वहां के लोगों को बिजली देने के अपने वादे यानि किशनगंगा और रतले प्रोजेक्ट्स से पीछे नहीं हटेगा। भारत ने दुनिया को बता दिया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान तभी तक है जब तक वे निष्पक्ष हैं और किसी देश के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों की आती है तो भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव या तथाकथित ‘रेपुटेशनल कॉस्ट’ की परवाह नहीं करता।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

Jharkhand ED Raid: नेता के घर नोटों के बंडल देखकर हैरान!

May 7, 2024
मजदूर दिवस

मजदूर दिवस पर सरकार को दी बड़ी चुनौती!

May 3, 2024
गौशाला

गाय के मांसाहार का राजनीतिक अर्थशास्त्र

April 22, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • SIR के बीच चुनाव आयोग में बड़ा फेरबदल, ज्ञानेश कुमार ने तबादलों की झड़ी लगा दी
  • सर्वे : यूपी में 2027 में किसकी बनेगी सरकार?
  • सरकार ने बदली पेंशन योजनाओं के नाम, जानें लाभार्थियों पर क्या होगा असर

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.