Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

40 साल पहले शुरू हुई थी कहानी…आज CRPF की ‘लेडी कमांडो’ देश के हर मोर्चे पर तैनात

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 22, 2026
in राष्ट्रीय
A A
crpf lady commando
18
SHARES
614
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। वर्दी पहनकर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालना, मुश्किल हालात में ऑपरेशन का हिस्सा बनना, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ मोर्चे पर खड़ा होना और जरूरत पड़ने पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की महिला जवानों ने पिछले 40 साल में इन सभी भूमिकाओं को निभाते हुए लंबी और ऐतिहासिक यात्रा तय की है.

आज जब CRPF की महिला जवानों को फ्रंटलाइन पर तैनात देखा जाता है, तो इसके पीछे चार दशक लंबी कहानी है.इस कहानी की शुरुआत 1986 में हुई थी, जब CRPF ने देश की पहली महिला कॉम्बैटेंट बटालियन खड़ी की. अब इस ऐतिहासिक सफर के 40 साल पूरे हो रहे हैं. इसी मौके पर 25 सितंबर 2026 को CRPF विशेष समारोह आयोजित कर अपनी सेवारत और पूर्व महिला कर्मियों को सम्मानित करेगा.

इन्हें भी पढ़े

ethanol fuel

E20 पेट्रोल से किसी गाड़ी में शिकायत नहीं, अगले महीने आएगी 100% इथेनॉल वाली कार

September 22, 2026
india export

भारत को डराया नहीं जा सकता, यह नया भारत है!

September 22, 2026
el niño

भारत पर मंडरा रहा गंभीर खतरा! 180 से ज्यादा वैज्ञानिकों की चेतावनी- कुछ तो बड़ा होने वाला है

September 20, 2026
Rahul Gandhi's

राहुल गांधी का युवा कनेक्ट, डूसू में कांग्रेस का डि-कनेक्ट, अब रणनीति पर उठे सवाल !

September 20, 2026
Load More

चार दशक पहले जब सुरक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका आज की तरह व्यापक नहीं थी, उस समय CRPF ने महिला कॉम्बैटेंट बटालियन का गठन कर एक नई शुरुआत की. एक बटालियन से शुरू हुआ यह प्रयोग धीरे-धीरे पूरे संगठन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी में बदल गया. CRPF के मुताबिक, आज उसके पास छह पूरी तरह महिला बटालियन हैं, जिन्हें देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा क्षेत्रों में तैनात किया गया है.

महिला बटालियन से आगे बढ़ी भूमिका

CRPF में महिलाओं की भूमिका अब केवल महिला बटालियन तक सीमित नहीं है. रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF की हर यूनिट में चार महिला टीमें तैनात हैं. इनका इस्तेमाल खास तौर पर भीड़ नियंत्रण और काउंटर-रायट ड्यूटी में किया जाता है. यानी संवेदनशील कानून-व्यवस्था के हालातों में भी महिला कर्मी सीधे ऑपरेशनल जिम्मेदारी निभा रही हैं. इससे भी आगे उनकी तैनाती उन इलाकों में हुई है जहां सुरक्षा बलों के सामने हथियारबंद उग्रवाद की चुनौती रही है. बस्तरिया बटालियन इसका बड़ा उदाहरण है.

नक्सल प्रभावित इलाकों में भी निभाई चुनौतीपूर्ण ड्यूटी

CRPF की महिला कर्मियों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं. महिला बटालियन ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी सेवा की है. ऐसे इलाकों में ड्यूटी का मतलब केवल कैंप में तैनाती नहीं होता.

जंगल, कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, लगातार ऑपरेशनल अलर्ट और उग्रवाद की चुनौती के बीच सुरक्षा बलों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है. महिला कर्मियों की इन क्षेत्रों में तैनाती ने यह भी दिखाया कि कठिन ऑपरेशनल परिस्थितियों में उनकी भूमिका लगातार बढ़ाई जा सकती है.

संसद हमले में कमलेश कुमारी का सर्वोच्च बलिदान

CRPF की महिला शक्ति की कहानी में उपलब्धियों के साथ बलिदान भी है. साल 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले के दौरान CRPF की कांस्टेबल कमलेश कुमारी ने सर्वोच्च बलिदान दिया. उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. CRPF के मुताबिक, कमलेश कुमारी बल की एकमात्र अशोक चक्र प्राप्त कर्ता हैं.

श्रीलंका से कश्मीर तक वीरता की मिसाल

1988 में श्रीलंका के एलीफेंट पास चेक पोस्ट पर कांस्टेबल विमला देवी और लांस नायक राजवंती देवी ने अहम ऑपरेशनल भूमिका निभाई. विमला देवी को सेना मेडल और राजवंती देवी को आर्मी चीफ कमेंडेशन मिला. साल 2001 में श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुए आतंकी हमले के दौरान कांस्टेबल बिंदु कुमरे ने भी असाधारण बहादुरी दिखाई.

उन्हें उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया गया. जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी महिला सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी कई तरह की ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करती है. विशेष रूप से तलाशी अभियानों के दौरान स्थानीय महिलाओं से बातचीत, महिला नागरिकों की तलाशी और सुरक्षा बलों के साथ तालमेल जैसी स्थितियों में महिला कर्मियों की भूमिका अहम हो सकती है.

CRPF की महिला शक्ति का एक महत्वपूर्ण अध्याय विशेष कमांडो भूमिकाओं से भी जुड़ा है. समय के साथ महिला कर्मियों को खास ट्रेनिंग और कठिन ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया गया है. जंगल और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले खास बलों में महिलाओं की भागीदारी इस बदलती भूमिका की तस्वीर पेश करती है.

40 साल में बदली पूरी तस्वीर

1986 में पहली महिला कॉम्बैटेंट बटालियन, फिर महिला बटालियनों का विस्तार, RAF में महिला टीमें, और बस्तरिया बटालियन में फ्रंटलाइन भूमिका…यह पूरी यात्रा बताती है कि CRPF में महिलाओं की भूमिका पिछले चार दशकों में किस तरह बदली है.CRPF के अनुसार, पिछले 40 वर्षों में महिला कर्मियों ने देश के अलग-अलग हाई-स्टेक्स ऑपरेशनल थिएटर में सेवा दी है.

आज CRPF में छह विशेष महिला बटालियन हैं.इसके अलावा RAF की हर यूनिट में चार महिला टीमें तैनात हैं. बस्तरिया बटालियन जैसी फ्रंटलाइन यूनिट में भी महिला कर्मियों की भूमिका है.

अब उन वीरांगनाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने CRPF की इस कहानी को आगे बढ़ाया. 25 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले विशेष समारोह में CRPF के महानिदेशक और CRPF फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष की मौजूदगी में सेवारत और पूर्व महिला कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा.

इन महिला कर्मियों को उनके योगदान और बलिदान के लिए सम्मानित किया जाएगा. यह समारोह उन महिलाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा, जिन्होंने CRPF में रहते हुए देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाई.

25 सितंबर को जब इन महिला कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, तो यह सिर्फ एक समारोह नहीं होगा. यह उन चार दशकों की कहानी को सलाम करने का अवसर होगा, जिसमें CRPF की महिलाओं ने सुरक्षा बलों में अपनी भूमिका का लगातार विस्तार किया. 1986 में शुरू हुआ सफर आज 40 साल बाद ऐसे मुकाम पर है, जहां CRPF की महिला जवान संगठन की कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल जिम्मेदारियों का हिस्सा हैं.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

नोबेल शांति पुरस्कार का एलान, इस बार किसे मिला ये सम्मान? 

October 6, 2023
Opposition

नतीजों के बाद कांग्रेस ने ‘इंडिया’ की बैठक बुलाई

December 4, 2023
PM Modi

आतंकवाद और सिंधु जल संधि से पाक को मिर्ची, PM मोदी के जवाब से बौखलाया पाक !

May 23, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ED का बड़ा ऐक्शन, जालंधर से दिल्ली तक ताबड़तोड़ पढ़े छापे
  • भारत पर ऐक्शन से पहले सोच लेना’, रूस से तेल खरीदारी पर US को किसने दिखाया आईना
  • दिल्ली के इस 160 साल पुरानी इमारत का होगा कायाकल्प, दिखेगा विरासत और संस्कृति का मेल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.