नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने एक बार फिर देश में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) लागू करने की मांग उठाई है. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चले बवाल के बीच एनआरसी को लेकर बहस शुरू हो सकती है.
आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा है कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए नागरिकों की पहचान बहुत जरूरी है. इसी वजह से एनआरसी लागू होना चाहिए.
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आंबेकर ने इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स में बात करते हुए कहा कि एनआरसी लागू होने से देश में घुसपैठ की समस्या खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से जनसंख्या असंतुलन की दिक्कत भी खत्म हो जाएगी.
नागरिकों की पहचान जरूरी
आंबेकर ने कहा, ‘कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं, इसकी पहचान जरूरी है. नागरिकता से जुड़े किसी मामले में आपत्ति है तो इसके समाधान के लिए कानूनी व्यवस्था है. अदालतों के जरिए भी हल निकल सकता है.’
एसआईआर को लेकर क्या बोले सुनील आंबेकर
आंबेकर ने एसआईआर का समर्थन किया. उन्होंने कहा, ‘देश में ऐसे लोगों की भी पहचान जरूरी है जो कि गलत तरीके से वोटर लिस्ट में शामिल हुए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘भारत में आबादी में बदलाव का लंबा इतिहास रहा है. देश की अपनी सांस्कृतिक पहचान है और यह मसला जनसंख्या संतुलन से ही जुड़ा है.’
गौरतलब है कि विपक्ष लगातार एसआईआर के मामले पर सरकार को घेर रहे है. इस बीच चुनाव आयोग भी विवादों में आ गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. कांग्रेस ने एसआईआर को गलत बताया है. विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी वोट चोरी का भी आरोप लगा चुके हैं. उन्होंने इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी को भी घेरा है.







