नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शोपियां जिले में आतंकवादियों और जेलों में बंद उनके सहयोगियों से जुड़े टेरर फाइनेंशिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस मॉड्यूल के जरिए आम लोगों से कथित तौर पर गुप्त रूप से धन जुटाकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था. शुरुआती जांच में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़े आतंकियों की गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने का मामला सामने आया है.
शोपियां पुलिस ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के तहत केंद्रित जांच शुरू की गई थी. जांच के दौरान विभिन्न ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म के जरिए किए गए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया गया. इससे कई स्तरों पर धन के लेनदेन और उसके स्रोत का पता लगाने में मदद मिली. पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क में शामिल लोग केंद्र शासित प्रदेश के भीतर सक्रिय थे और विभिन्न जेलों में बंद आतंकवादियों तथा उनके सहयोगियों से कथित तौर पर संपर्क में थे. इस मामले में अब तक 10 आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है. इस संबंध में शोपियां थाने में एफआईआर संख्या 231/2026 दर्ज की गई है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शोपियां के सैदपोरा बाला निवासी ओवैस शफी नाइकू, रावलपोरा निवासी तजामुल अहमद शाह और चित्रगाम कलां निवासी मोइज इकबाल तथा इमदाद यूसुफ गनी के रूप में हुई है. इनके अलावा पुलवामा जिले के मरे निवासी साकिब जाहूर वानी, अरमोह निवासी आमिर अहमद गनी, नादिगुंड ट्रेंज निवासी फिरदौस ठोकर और मुर्रन निवासी लियाकत नजीर लोन को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कठुआ जिले के चेक हरिया निवासी मोहम्मद हनीफ और काजू पुत्र हाजी शेरू भी शामिल हैं.
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी आम लोगों से कथित तौर पर चोरी-छिपे धन एकत्र करते थे और स्थापित वित्तीय संपर्कों के जरिए उसे आगे पहुंचाते थे. पुलिस के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ की आतंकी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए किया जा रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए धन का इस्तेमाल किया जाता था. इसमें आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए स्मार्टफोन खरीदकर मुहैया कराना भी शामिल था.
पुलिस ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है. जांच एजेंसियां नेटवर्क के व्यापक स्वरूप, अतिरिक्त वित्तीय संपर्कों और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हैं. अधिकारियों ने मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई है. पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आतंकवाद समर्थक नेटवर्क को खत्म करने, अवैध वित्तीय चैनलों को बाधित करने और जम्मू-कश्मीर में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है.







