Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

बकाए बिजली बिल

पहल टाइम्स डेस्क

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 20, 2022
in राष्ट्रीय
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

अजय दीक्षित

पीएम मोदी ने खराब भुगतान की पुरानी आदत और देश में ऊर्जा संकट की ओर ध्यान आकर्षित कराया है । यह संकट 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है, लिहाजा हालात सामान्य नहीं हैं। पीएम मोदी का बयान भी गम्भीर है, आगाह करने वाला है, क्योंकि भुगतान का बकाया बना रहेगा और बिजली उत्पादक कम्पनियों का घाटा बढ़ता रहेगा तो एक स्थिति यह भी आ सकती है कि बिजली पैदा करने का सवाल खड़ा हो जाये और देश का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबता लगे ।  यदि मौजूदा बिजली संकट को आम नागरिक के नज़रिये से देखें, तो यह मासूम और बेकसूर है । औसतन नागरिक समयबद्ध तरीके से बिजली के बिल का भुगतान करता है ।  उसे बिजली कनेक्शन काट दिये जाने का भी भय रहता है ।  सवाल यह है कि ऐसे भुगतान के अरबों रुपये कहाँ ठहर जाते हैं या रोक लिए जाते हैं अथवा सब्सिडी का भुगतान भी नियमित तौर पर नहीं किया जाता ।  सरकार के खातों में कई फ्रॉड दफन हैं ।  उनकी जांच होनी चाहिये ।  देश में लगभग सभी सरकारें सब्सिडी मुहैया कराती हैं, लेकिन उसका यथा समय भुगतान न करने से बिजली वितरण के नुकसान भी बढ़ते रहते हैं ।  नतीजतन बिजली उत्पादक कम्पनियों पर भी व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ते हैं ।  बीते जुलाई माह तक 1.13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राज्यों पर अथवा बिजली वितरण कम्पनियों पर बकाया थे, जो उन्हें उत्पादक कम्पनियों को देने चाहिये थे ।

इन्हें भी पढ़े

crpf lady commando

40 साल पहले शुरू हुई थी कहानी…आज CRPF की ‘लेडी कमांडो’ देश के हर मोर्चे पर तैनात

September 22, 2026
ethanol fuel

E20 पेट्रोल से किसी गाड़ी में शिकायत नहीं, अगले महीने आएगी 100% इथेनॉल वाली कार

September 22, 2026
india export

भारत को डराया नहीं जा सकता, यह नया भारत है!

September 22, 2026
el niño

भारत पर मंडरा रहा गंभीर खतरा! 180 से ज्यादा वैज्ञानिकों की चेतावनी- कुछ तो बड़ा होने वाला है

September 20, 2026
Load More

बिजली वितरण कम्पनियों का अपना रोना है कि उनका कुल घाटा 5,22,869 करोड़ रुपये का है ।  यानि जिस संकट का खुलासा प्रधानमंत्री ने देश के सामने किया है, संकट उससे भी ज्यादा गहरा और व्यापक है ।  सरकारी डाटा के मुताबिक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और जम्मू कश्मीर आदि राज्यों और संघ शासित क्षेत्र पर सबसे ज्यादा बकाया शेष है ।  तमिलनाडु पर 25,553) करोड़, महाराष्ट्र पर 19,745 करोड़, उप्र पर 10,755 करोड़ और जम्मू-कश्मीर के हिस्से 10,669 करोड़ रुपये के करीब बिजली भुगतान का बकाया खड़ा है ।  इनके अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, हरियाणा, झारखण्ड, राजस्थान, बंगाल, केरल, पंजाब और आंध्रप्रदेश आदि राज्य भी इसी हमाम में नंगे हैं । सवाल है कि राज्यों के बिजली बोर्ड या बिजली वितरण कम्पनियां, बिजली उत्पादक कम्पनियों से, जो बिजली लेती रही हैं, उनका समयबद्ध भुगतान क्यों नहीं करतीं ?  इसका सीधा असर उत्पादक कंपनियों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, क्योंकि वे अपने आर्थिक दायित्व पूरे नहीं कर पातीं । प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि उत्पादक कम्पनियां बेहद वित्तीय संकट में 8 और उनका घाटा 2020 में ही 5 लाख करोड़ रुपये पार कर चुका है । प्रधानमंत्री खुद दखल देकर इसका समाधान निकाल सकते हैं ।  वे सर्वदलीय और मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं और ऊर्जा संकट के प्रति सचेत करें । भारत सरकार ने 2016 में बिजली की दर और लागत सम्बन्धी जो नीति तैयार की थी, यह वितरण के नुकसान के 20 फीसदी तक सब्सिडी की अनुमति देती है ।

बिजली कानून के मुताबिक, वितरण कम्पनियों को सब्सिडी की राशि अग्रिम दी जानी चाहिये ।  यदि कानून का अक्षरश: पालन किया जाये, तो बिजली पर सब्सिडी दी जा सकती है, बिजली सस्ती दी जा सकती है या बिजली की आपूर्ति मुफ्त की जा सकती है राजधानी दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली नि:शुल्क है, फिर भी बजटीय घाटा अपनी सीमा में है ।  दिल्ली पर बकाया मात्र 3 करोड़ रुपये है ।  यह इसलिए है, क्योंकि सरकार सब्सिडी का भुगतान वितरण कम्पनियों को नियमित करती रही है ।  बहरहाल प्रधानमंत्री ने जो चिन्ता और सरोकार व्यक्त किये हैं, वे वित्तीय समस्या से जुड़े हैं ।  वह दलीय राजनीति नहीं है ।  राज्य भारत सरकार से भी कर्ज और अनुदान लेते रहे हैं, करों में उनकी जो हिस्सेदारी है, वह भी देर सबेर उन्हें मिल जाती है, उनका बजट अपने संसाधनों पर आधारित है, फिर भी राज्यों पर कजऱ् और बकाये का बोझ बना रहता है ।  कमोवेश यह विरोधाभास स्पष्ट होना चाहिये ।  बीते दो दशकों में भारत सरकार भुगतान के बकाए की दुरावस्था का कोई हल नहीं ढूंढ सकी है, लिहाजा बकाया बढ़ता जा रहा है ।  केरल और हिमाचल प्रदेश में बिजली सब्सिडी कम्पनियों को देने के बजाय सीधा उपभोक्ता को ट्रांसफर कर दी जाती है, लिहाजा बकाया लटकता नहीं रहता और आम नागरिक तक सब्सिडी पहुंच भी जाती है ।  दूसरे राज्य भी यह प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री अविलम्ब मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएं, ताकि किसी साझा निष्कर्ष तक पहुंचने की बात आगे बढ़ सके ।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
manipur

राजनीति में उलझकर दम तोड़ते गंभीर मुद्दे!

July 23, 2023
CM Dhami

लाटू देवता मंदिर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संवारने की दिशा में एक और पहल : CM धामी

May 15, 2025
lawrence bishnoi

अमेरिका का बड़ा एक्शन, लॉरेंस बिश्नोई गैंग समेत कई अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोहों पर शिकंजा, 24 गिरफ्तार!

July 8, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ED का बड़ा ऐक्शन, जालंधर से दिल्ली तक ताबड़तोड़ पढ़े छापे
  • भारत पर ऐक्शन से पहले सोच लेना’, रूस से तेल खरीदारी पर US को किसने दिखाया आईना
  • दिल्ली के इस 160 साल पुरानी इमारत का होगा कायाकल्प, दिखेगा विरासत और संस्कृति का मेल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.