कोई दूसरी पार्टी यह सोच भी नहीं सकती है कि एक विधानसभा सीट का उपचुनाव हो तो वहां पार्टी के दो सबसे बड़े नेताओं में से एक नेता प्रचार के लिए जाए। यह काम भाजपा कर सकती है। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री रविवार को तेलंगाना गए और वहां उन्होंने मुनुगोडे विधानसभा क्षेत्र में एक सभा की। इस सभा में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नेता के राजगोपाल रेड्डी को पार्टी में शामिल कराया गया। वे कांग्रेस के विधायक थे और उनके इस्तीफा देने की वजह से इस सीट पर उपचुनाव होने वाला है। अमित शाह ने ऐलान किया कि मुनुगोडे सीट से राजगोपाल रेड्डी भाजपा के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि अगर रेड्डी जीतते हैं तो अगले साल के चुनाव में भाजपा के विधानसभा चुनाव जीतने का रास्ता साफ होगा।
एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले अमित शाह के दौरे से राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शाह की यात्रा से पहले मुनुगोडे का दौरा किया। उन्होंने प्रचार अभियान की शुरुआत की। राव के लिए यह चुनाव बहुत अहम होने वाला है क्योंकि डुबाका और हुजूराबाद की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा जीती थी और इससे राजनीतिक माहौल बदलना शुरू हुआ। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुनुगोडे सीट का उपचुनाव हो सकता है कि आखिरी उपचुनाव हो। इसमें जीत हार से अगले साल के चुनाव का माहौल बनेगा। प्रदेश में भाजपा ने कांग्रेस की जगह लेनी शुरू कर दी है। सिर्फ हैदराबाद के इलाके में ओवैसी की पार्टी है और बाकी पूरे प्रदेश में ऐसा लग रहा है कि टीआरएस का मुकाबला भाजपा से होगा। तभी इस उपचुनाव से पहले शाह और राव में जुबानी जंग छिड़ी है। दोनों ने एक दूसरे पर खूब जुबानी हमले किए। सत्तारूढ़ दल ने हैदराबाद और सिकंदराबाद दोनों शहरों में शाह के खिलाफ कई तरह की होर्डिंग्स लगाई थी और वंशवाद को लेकर भी उनके आरोपों का जवाब दिया।







