नई दिल्ली: देश के परिवहन क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की शुरुआत करते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ‘भारत टैक्सी’ ऐप सेवा को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया। यह भारत का पहला सहकारी क्षेत्र द्वारा संचालित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका मकसद देश भर में टैक्सी ड्राइवरों के लिए सहकारी भागीदारी को मजबूत करना और उनको आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। यह ऐप सेवा ओला और उबर जैसे निजी दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार की गई है। दो महीने के सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद फिलहाल इस सेवा को दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में शुरू किया गया है।
दो साल के अंदर देशभर में शुरू होगी सेवा
ऐप लॉन्च के दौरान समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘आज 8 लाख सारथी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सहकारी टैक्सी की शुरुआत हो रही है। अगले दो वर्षों के भीतर कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश में यह प्लेटफॉर्म हमारे टैक्सी सारथियों के कल्याण का सबसे बड़ा माध्यम साबित होगा।’ शाह ने बताया कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए इसी प्लेटफॉर्म पर ‘बाइक दीदी’ की सुविधा भी मिलेगी। यह एक ऐसी पहल है जिसके तहत अब तक 150 से ज़्यादा महिला ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुकी हैं।
‘भारत टैक्सी’ सेवा की 5 प्रमुख विशेषताएं
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म एक मजबूत स्वदेशी और सहकारी विकल्प पेश करता है। इसकी प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो यह (1) जीरो कमीशन मॉडल पर आधारित है, जिसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही इस ऐप के जरिए टैक्सी बुक करने पर यात्रियों को (2) ‘सर्ज प्राइजिंग’ से मुक्ति मिलेगी, यानी पीक आवर्स के दौरान ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
शाह ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाला (3) पूरा मुनाफा सीधे सारथियों (ड्राइवरों) के बीच बांटा जाएगा। साथ ही (4) इस ऐप से जुड़ने वाले सारथियों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और रिटायरमेंट बचत की भी विशेष व्यवस्था की गई है। यहां तक कि (5) ड्राइवरों पर किसी भी तरह का ‘एक्सक्लूसिविटी क्लॉज’ भी नहीं होगा, यानी वे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी काम करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘चालकों को मुनाफे का मालिक बनाने और उन्हें सम्मान व स्वाभिमान देने वाली देश की पहली सहकारिता क्षेत्र की टैक्सी सर्विस #BharatTaxi का शुभारंभ हुआ। सहकारिता से बहुत सारे लोग मिलकर छोटी-छोटी पूंजी लगाकर कैसे बड़ी शुरुआत कर सकते हैं, ‘भारत टैक्सी’ इसका उदाहरण है। टैक्सी चालक बहन-भाई ‘भारत टैक्सी’ से न सिर्फ अधिक मुनाफा कमा पाएंगे, बल्कि सम्मान के साथ इसके मालिक भी होंगे।’
सफल रहा पायलट प्रोजेक्ट, मिले ये परिणाम
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, ‘भारत टैक्सी’ दुनिया का पहला और सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बन गया है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं, इस दौरान अबतक 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, वहीं 1 लाख से ज़्यादा यूजर्स ने खुद को इस पर रजिस्टर किया है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में इसकी मदद से रोजाना 10,000 से ज्यादा राइड पूरी की जा रही हैं। इस दौरान अब तक ड्राइवरों को सीधे लगभग 10 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। दिल्ली में इसके लिए 7 समर्पित सहायता केंद्र भी शुरू किए गए हैं।
शाह ने बताया कि अगले दो सालों में, भारत टैक्सी का लक्ष्य देश भर के सभी राज्यों और शहरों में विस्तार करना, हर राज्य में समर्पित सपोर्ट सेंटर स्थापित करना, ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा को और मज़बूत करना, और नेशनल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ गहरे इंटीग्रेशन के जरिए एक स्थायी, समावेशी और सहकारिता पर आधारित मोबिलिटी इकोसिस्टम विकसित करना है।







