नई दिल्ली: देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने अपनी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) को पुनर्गठित किया है. पार्टी ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ चौंकाने वाले बदलाव किए हैं. 39 सदस्यीय पैनल में नाराज चल रहे सचिन पायलट को भी शामिल किया गया है. पायलट को कमेटी में शामिल करने का उद्देश्य राजस्थान चुनाव से पहले उन्हें को शांत करना है.
बता दें कि पायलट ने अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस प्रमुख के पद से हटा दिया गया था. पायलट के अलावा कमेटी में आनंद शर्मा और शशि थरूर को भी जगह मिली है.
आनंद शर्मा और शशि थरूर CWC में शामिल
कमेटी में जगह पाने वाले आनंद शर्मा और शशि थरूर उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने तत्कालीन पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उन मुद्दों को उठाया था जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे. हालांकि, थरूर ने बाद में कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा. वह मल्लिकार्जुन खरगे से हार गए थे.
दीपा दास और सैयद नासिर हुसैन को मिली जगह
पैनल में दीपा दास मुंशी और सैयद नासिर हुसैन को भी जगह मिली है. दीपा दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी की पत्नी हैं, जो पश्चिम बंगाल से सांसद रहे थे. हुसैन राज्यसभा सदस्य हैं. वह इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट के रूप में काम कर चुके हैं.
तीन युवा नेताओं को मिली जगह
इस साल की शुरुआत में पार्टी के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि पार्टी के आधे पदाधिकारियों की उम्र 50 से कम होनी चाहिए, जबकि नई सीडब्ल्यूसी में केवल तीन नेताओं की उम्र 50 साल से कम है. इनमें सचिन पायलट, गौरव गोगोई और के पटेल शामिल हैं.
सीडब्ल्यूसी में शामिल हुई प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी वाड्रा को भी सीडब्ल्यूसी में शामिल किया गया है. सूत्रों का कहना है कि वह उत्तर प्रदेश के प्रभारी पद की जिम्मेदारियों से मुक्त हो सकती हैं.







