नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान बॉर्डर को शुक्रवार से हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने अपना ऑपरेशन ‘सर्द हवा’ लॉन्च किया है। यह 27 जनवरी तक लागू रहेगा। बीएसएफ ने ऑपरेशन सर्द हवा इसलिए चलाया है, क्योंकि घने कोहरे और कम तापमान के बीच सीमा के इलाकों में घुसपैठ के चांसेस काफी रहते हैं। इसी वजह से इन सबको रोकने के लिए बीएसएफ ने अपना ऑपरेशन चलाया है। इसके अलावा, इस बार अयोध्या में राम मंदिर में होने वाली राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को भी देखते हुए भी भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। वहीं, 26 जनवरी की तारीख भी करीब आ गई है, जिसके कारण बीएसएफ ने कई कदम उठाए हैं।
सीमावर्ती इलाकों में इस समय घना कोहरा और धुंध पड़ रही है। मौसम की इन परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए बीएसएफ ने घुसपैठ को रोकने के लिए अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। ऑपरेशन सर्द हवा में उन क्षेत्रों में वाहनों, ऊंटों और अन्य साधनों से लगातार गश्त करना शामिल है जहां वाहन आसानी से नहीं पहुंच सकते। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि पश्चिमी सीमा पर सर्दी के मौसम में विशेष सतर्कता के लिए हर साल ऑपरेशन अलर्ट सर्द हवा चलाया जाता है। सूत्र बताते हैं कि सर्दियों के दौरान ठंड और घने कोहरे के कारण सीमा पार से घुसपैठ की संभावना अधिक होती है। घुसपैठिए अक्सर घने कोहरे का फायदा उठाकर सीमा पार करते हैं। इसे देखते हुए सीमा पर बीएसएफ हाई अलर्ट पर है।
वहीं, इस बार राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा और गणतंत्र दिवस को देखते हुए भी बीएसएफ हाई अलर्ट पर है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीमा पर विशेष ध्यान दे रही है। अधिकारी ने दावा किया कि बीएसएफ, रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में, गणतंत्र दिवस के दौरान अतिरिक्त निगरानी कार्यक्रमों के साथ, पूरे वर्ष सतर्क रहती है। अधिकारियों ने कहा है कि ऑपरेशन के दौरान सीमा सुरक्षा बल के सभी अधिकारी और जवान हाई अलर्ट पर रहेंगे और सीमा पर चौकियों पर निगरानी रखेंगे। उन्होंने बताया कि बीएसएफ सर्दियों के दौरान घने कोहरे और धुंध का फायदा उठाकर घुसपैठ या अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
बीएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति के बावजूद, बीएसएफ कर्मी संभावित खतरों के प्रति हमेशा सतर्क रहते हैं, खासकर ऑपरेशन सर्द हवा के दौरान। उन्होंने बताया कि सेक्टर मुख्यालय के सभी अधिकारी और जवान इस दौरान सीमा पर मौजूद रहेंगे, साथ ही 27 जनवरी तक जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। वहीं, पूरे ऑपरेशन सर्द हवा के दौरान, आधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों से लैस अधिकारी और सैनिक 19 जनवरी से 27 जनवरी तक सीमा के पास मौजूद रहेंगे।







