शिमला : ऊना जिले के हरोली में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। पार्क में सरकार सभी प्रकार की मूलभूत और ढांचागत सुविधाओं का सृजन कर रही है। पांवटा साहिब के सतीवाला में ब्रांड न्यू फार्मा लैबोरेट फार्मास्यूटिकल इंडिया लिमिटेड के शुभारंभ के दौरान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पार्क में तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली और उद्योग के लिए भूमि सरकार प्रदान करेगी।
पार्क सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट होगा और हर सुविधा से लैस रहेगा। पार्क में कच्चा माल भी तैयार किया जाएगा, जो दूसरे देशों से आयात किया जाता है। उन्होंने उद्योगपतियों को एपीआई में निवेश के लिए आमंत्रित किया। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश फार्मा उद्योग के क्षेत्र में देश में अलग पहचान स्थापित कर चुका है और राज्य सरकार उद्योगों को और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रयासरत है। सोलन के नालागढ़ में मेडिसिन डिवाइस पार्क की स्थापना की जा रही है।
300 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाला यह पार्क देश में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा। इस पार्क में बड़ी-बड़ी इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए मंत्री ने उद्योगपतियों को अपने प्रस्ताव भेजने के लिए आमंत्रित किया। चौहान ने कहा कि बेशक पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्र बना है लेकिन जिस तरह से इन उद्योगों का विस्तार होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया।
पांवटा साहिब में जहां नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास होंगे। वहीं पुराने उद्योगों के विस्तार को प्राथमिकता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि घटिया दवाई बनाने वाली कंपनियों पर प्रदेश सरकार लगातार नजर रखे हुए है। दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।







