Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विशेष

मॉस्को पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री, लेकिन पुतिन क्यों नहीं चाहते इजरायल-ईरान संघर्ष में उलझना ?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 23, 2025
in विशेष, विश्व
A A
Iran's Foreign Minister Moscow
17
SHARES
577
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

शूरवीर नेगी


स्पेशल डेस्क/नई दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 23 जून को मॉस्को पहुंचे और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह दौरा अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद हुआ। हालांकि, पुतिन ने इजरायल-ईरान संघर्ष में सीधे हस्तक्षेप करने से परहेज किया है।

इन्हें भी पढ़े

रूस ने भारतीयों को नौकरी देने में दिखाई दिलचस्पी, भर-भरकर जारी हो रहे वर्क परमिट

February 9, 2026
india -malaysia

पाकिस्तान के दोस्त को भारत ने साध लिया, मोदी ने चल दी ब्रिक्स वाली चाल?

February 9, 2026
Shivraj singh

भारत-अमेरिका ट्रेड डील भारतीय अर्थव्यवस्था को देगी नई ऊंचाइयां और गति : शिवराज सिंह

February 8, 2026
india russia

रूस से तेल खरीद में बड़ी कटौती करेगा भारत?

February 8, 2026
Load More

इजरायल में रूसी मूल की आबादी का प्रभाव

पुतिन ने बताया कि इजरायल में लगभग 20 लाख रूसी भाषी लोग रहते हैं, जो पूर्व सोवियत संघ और रूस से पलायन कर गए हैं। इजरायल को पुतिन ने “लगभग रूसी भाषी देश” करार दिया है। इस कारण रूस इजरायल के खिलाफ खुलकर सैन्य कार्रवाई से बच रहा है, ताकि अपनी डायस्पोरा आबादी के हितों को नुकसान न पहुंचे।

मध्य पूर्व में संतुलन की नीति

रूस लंबे समय से मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान, दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। रूस का ईरान के साथ मजबूत आर्थिक और रक्षा सहयोग है, जैसे कि बुशहर परमाणु संयंत्र का निर्माण। साथ ही, इजरायल के साथ भी रूस के सकारात्मक संबंध हैं। इस संतुलन को बनाए रखने के लिए पुतिन सीधे तौर पर किसी एक पक्ष का साथ देने से बच रहे हैं।

रणनीतिक साझेदारी में सीमाएं

रूस और ईरान के बीच हाल ही में हुई रणनीतिक साझेदारी सैन्य गठबंधन नहीं है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने स्पष्ट किया कि यह समझौता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए सहयोग पर केंद्रित है, न कि सैन्य दायित्वों पर। पुतिन ने भी कहा कि ईरान ने रूस से सैन्य सहायता, जैसे कि वायु रक्षा प्रणाली, स्वीकार नहीं की थी।

यूक्रेन युद्ध और आर्थिक दबाव

रूस वर्तमान में यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। एक और बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में शामिल होना रूस के संसाधनों और वैश्विक स्थिति को और कमजोर कर सकता है। पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में कहा कि रूस की प्राथमिकता अपनी रणनीतिक स्थिरता बनाए रखना है।

कूटनीतिक समाधान पर जोर

पुतिन ने इजरायल-ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है, जिसमें ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम जारी रखने और इजरायल की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने का प्रस्ताव शामिल है। यह दर्शाता है कि रूस सैन्य हस्तक्षेप के बजाय कूटनीति के जरिए प्रभाव बनाए रखना चाहता है।

रूस ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा की है, लेकिन वह अमेरिका के साथ सीधे टकराव से बचना चाहता है। पुतिन ने अमेरिकी हमलों को गैर-जिम्मेदाराना और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, लेकिन सैन्य समर्थन देने के बजाय संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर अपनी बात रखना पसंद किया।

पुतिन की स्थिति और अराघची का दौरा

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी हमलों के बाद रूस से समर्थन मांगा। पुतिन ने इस दौरान ईरान के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि रूस “इतिहास के सही पक्ष” पर है। हालांकि, यह समर्थन मुख्य रूप से नैतिक और कूटनीतिक है, न कि सैन्य।

पुतिन ने इजरायल और अमेरिका की आक्रामकता की निंदा की, लेकिन सैन्य सहायता देने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इजरायल ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाता है, तो वह इस पर चर्चा नहीं करना चाहते, जिससे उनकी तटस्थता का संकेत मिलता है।

रूस-ईरान संबंधों की मजबूती !

पुतिन इजरायल-ईरान संघर्ष में सीधे उलझने से बच रहे हैं क्योंकि रूस की प्राथमिकताएं मध्य पूर्व में संतुलन बनाए रखना, अपनी आर्थिक और सैन्य सीमाओं का ध्यान रखना, और इजरायल में रूसी मूल की आबादी के हितों की रक्षा करना हैं। इसके बजाय, रूस कूटनीति और मध्यस्थता के जरिए अपनी भूमिका निभाना चाहता है, ताकि क्षेत्रीय प्रभाव बनाए रखते हुए बड़े पैमाने पर युद्ध के जोखिम से बचा जा सके। अराघची का दौरा रूस-ईरान संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, लेकिन यह सैन्य समर्थन तक सीमित नहीं है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

परफॉर्मेंस ग्रांट, आदर्श गांव और मॉडल पंचायत ततरोता…

July 5, 2025
world economic forum

कोई राह निकलेगी?

January 24, 2023
India

भारत का नाम बदलना कितना मुश्किल, समझिए?

September 9, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • रूस ने भारतीयों को नौकरी देने में दिखाई दिलचस्पी, भर-भरकर जारी हो रहे वर्क परमिट
  • ई-पैंट्री सर्विस क्‍या है जिसे IRCTC ने इन 25 ट्रेनों में किया लॉन्‍च, कैसे होगा आपको फायदा?
  • पाकिस्तान के दोस्त को भारत ने साध लिया, मोदी ने चल दी ब्रिक्स वाली चाल?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.