प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट अब प्रस्थान से 4 घंटे पहले के बजाय 24 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को उनकी टिकट की स्थिति (कन्फर्म, RAC, या वेटिंग) पहले से जानने का अवसर देना है, ताकि वे अपनी यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बना सकें और अंतिम समय की अनिश्चितता से बच सकें। यह पहल 6 जून 2025 से उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर डिवीजन में अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है।
24 घंटे पहले चार्ट तैयार
अभी तक, रेलवे का पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से 2.5 से 4 घंटे पहले तैयार होता था, और दूसरा (अंतिम) चार्ट प्रस्थान से 30 मिनट पहले। इस कारण यात्रियों को आखिरी समय तक अपनी सीट की स्थिति का इंतजार करना पड़ता था, खासकर उन रूट्स पर जहां वेटिंग लिस्ट लंबी होती है। नई व्यवस्था में, चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से 24 घंटे पहले तैयार होगा। इससे यात्रियों को पहले ही पता चल जाएगा कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई या नहीं।
जिन यात्रियों का टिकट कन्फर्म नहीं होता, उन्हें वैकल्पिक यात्रा साधनों (जैसे बस, फ्लाइट, या दूसरी ट्रेन) की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। यह विशेष रूप से उन रूट्स पर उपयोगी होगा जहां वेटिंग लिस्ट 200-400 तक पहुंच जाती है, जैसे दिल्ली से बिहार, उत्तर प्रदेश, या पूर्वोत्तर राज्यों की ट्रेनें।
रेलवे के लिए लाभ
चार्ट पहले तैयार होने से रेलवे को भीड़भाड़ वाले रूट्स पर अतिरिक्त कोच जोड़ने या क्लोन ट्रेनें चलाने की योजना बनाने के लिए अधिक समय मिलेगा। टिकट कैंसिलेशन और खाली सीटों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, जिससे रेलवे की टिकटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
पायलट प्रोजेक्ट और फीडबैक
यह व्यवस्था सबसे पहले बीकानेर डिवीजन में अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन पर लागू की गई, जहां वेटिंग लिस्ट आमतौर पर 200-300 के बीच रहती है। रेलवे ने यात्रियों से फोन के जरिए फीडबैक लिया, जिसमें अधिकांश यात्रियों ने इस पहल की सराहना की। यात्रियों का कहना है कि 24 घंटे पहले टिकट की स्थिति जानने से उन्हें वैकल्पिक योजनाएं बनाने में आसानी होती है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद, रेलवे इसे अन्य व्यस्त रूट्स और ट्रेनों में लागू करने की योजना बना रहा है, खासकर उन मार्गों पर जहां वेटिंग लिस्ट लंबी रहती है।
अन्य नियमों पर क्या पड़ेगा प्रभाव
तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ये टिकट यात्रा से 48 घंटे पहले बुक किए जाते हैं, और 24 घंटे पहले चार्ट तैयार होने से इस प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यदि टिकट कन्फर्म नहीं होता, तो वेटिंग लिस्ट टिकट स्वचालित रूप से कैंसिल हो जाता है, और रिफंड मूल बुकिंग क्लास के किराए के आधार पर मिलता है। 24 घंटे पहले चार्ट बनने से यात्रियों को कैंसिलेशन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। वेटिंग टिकट का अपग्रेड (जैसे स्लीपर से AC कोच) और इमरजेंसी कोटा जैसी व्यवस्थाएं पहले की तरह रहेंगी।
वर्तमान स्थिति और भविष्य
यह व्यवस्था अभी प्रयोग के तौर पर लागू है। रेलवे यात्रियों की सहमति और फीडबैक के आधार पर इसे स्थायी रूप से लागू करने का फैसला लेगा। हाल ही में रेलवे ने सुबह 9 बजे से पहले चलने वाली ट्रेनों (जैसे वंदे भारत, शताब्दी) के लिए चार्ट रात 10 बजे तक तैयार करने का नियम भी लागू किया है, जो इस 24-घंटे की पहल को पूरक बनाता है।
यदि यात्री 24 घंटे पहले चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल करते हैं, तो क्या दूसरी या तीसरी लिस्ट जारी होगी? इस पर अभी स्पष्टता नहीं है। चार्ट पहले तैयार करने के लिए रेलवे को अपने सॉफ्टवेयर और टिकटिंग सिस्टम में बदलाव करना होगा, जिसके लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) काम कर रहा है।
यात्रियों की सुविधा और टिकटिंग प्रक्रिया
रेलवे की यह पहल यात्रियों की सुविधा और टिकटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 24 घंटे पहले चार्ट तैयार होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी और रेलवे को भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ होगा।







