नई दिल्ली। क्या आप भी AI से कुछ बात करते हैं या जरूरी सवाल पूछते हैं और वह बाद में सब भूल जाता है? जवाब अगर हां है तो अब आपकी परेशान दूर होने वाली है. ChatGPT को एक बड़ा अपडेट मिला है जिसके बाद वह न सिर्फ आपकी बातचीत को और भी आसानी से समझेगा बल्कि सालों पुरानी चैट्स को भी याद रख पाएगा. इस नए फीचर के साथ ChatGPT अब एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करेगा जो आपकी पुरानी बातों को याद रखेगा जरूरतों और सवालों के आधार पर उनका इस्तेमाल करके आपको सही और सटीक जवाब देगा.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में ChatGPT ने एक और बड़ी छलांग लगा दी है. अब तक यूज़र्स जिस बात से सबसे ज्यादा परेशान रहते थे वह थी पुरानी बातचीत को भूल जाने की. नए अपडेट के साथ ChatGPT अब सालों पुरानी चैट्स को भी याद रख पाएगा. इस बदलाव के बाद ChatGPT एक पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करेगा. नया अपडेट जिसे PersonalContextAgentTool कहा जा रहा है इस समस्या को दूर कर देगा.
इस नए अपडेट के बाद अब ChatGPT के Plus और Pro सब्सक्राइबर्स ऐसे सवाल भी कर सकते हैं जो सीधे तौर पर उनकी पिछली बातचीत से जुड़ा हुआ हो. जैसे आपने साल भर पहले अपनी किसी छुट्टियों की प्लानिंग की थी या किसी ऑफिस के प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की थी, तो अब आप बस इतना कह सकते हैं कि उस पुराने प्रोजेक्ट में जो हमने बदलाव करवाए थे उन्हें बताओ. बस इतना बोलते ही AI तुरंत आपके अकाउंट से वो जानकारी लेकर आपको दे देगा.
सोर्स भी बताएगा ChatGPT
अक्सर AI के साथ यह डर बना रहता है कि वह हमाले सवाल का जवाब कहां से खोज रहा है. OpenAI ने इस समस्या को भी दूर कर दिया है. इस नए अपडेट में ट्रांसपेरेंसी यानी पारदर्शिता का खास ख्याल रखा है. जब भी ChatGPT किसी पुरानी चैट से कोई जानकारी लेगा तो वह रिप्लाई के साथ उस पुरानी चैट का एक क्लिकेबल लिंक भी दिखाएगा. यूजर उस लिंक पर क्लिक करके सीधे उस पुरानी चैट पर जा सकते हैं और क्रॉस-चेक कर सकते हैं कि जानकारी सही है या नहीं.
गूगल जेमिनी से है सीधी टक्कर
सबसे खास बात यह है कि OpenAI का यह नया अपडेट मार्केट में बढ़ती टक्कर को देखते हुए लाया है. गूगल के AI Gemini ने फरवरी 2025 में ही पुरानी बातचीत को याद रखने और उसका रिफरेंश देने की क्षमता हासिल कर ली थी. लगभग एक साल तक इस दौड़ में पीछे रहने के बाद OpenAI अब अपनी खोई हुई बढ़त वापस पाने की कोशिश कर रहा है.







