अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जोरदार निशाना साधा। सीएम योगी गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। इससे पहले सीएम योगी ने आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से मुलाकात की। कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो प्रदेश या देश की सत्ता में रहते थे। बिना अखिलेश यादव का नाम लिए उन्होंने कहा कि अपनी सत्ता को बचाने के लिए वे लोग नोएडा नहीं जाते थे। वह उनके लिए अंधविश्वास और रूढ़िवादी नहीं था। लेकिन, राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की बात करना और मथुरा-वृंदावन की बात करना उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था।
सीएम योगी ने क्या कहा?
कार्यक्रम में सीएम योगी ने प्रदेश और देशवासियों को नव संवत्सर के प्रथम दिवस यानी हिंदू नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि आज अयोध्या धाम में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई में रामकाज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में लगातार योगदान दिया। राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना कार्यक्रम से लेकर राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में वे मौजूद रहे। आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म श्रीराम यंत्र के स्थापना समारोह में भाग ले रही हैं।
सीएम योगी ने कहा कि ये कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी और हर सच्चे भारतीय को आनंद से भर देते हैं। यही तो भारत की आस्था है। जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर के अपमानित किया गया था। अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो उत्तर प्रदेश या देश की सत्ता में रहते थे। अपनी सत्ता को बचाने के लिए वे नोएडा नहीं जाते थे। वह उनके लिए अंधविश्वास और रूढ़िवादी नहीं था। लेकिन, राम मंदिर की बात, काशी में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की बात करना और कृष्ण कन्हैया के मथुरा वृंदावन की बात करना उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था।
बदली स्थिति की कही बात
सीएम योगी ने कहा कि आज स्थिति बदल गई है। आज हम सब गौरव की अनुभूति कर सकते हैं, जो दुनिया में कहीं नहीं हुआ, वह अयोध्या में हो रहा है। जो आस्था 500 वर्षों तक निरंतर बनी रही, तमाम विप्लव को झेलती रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही। लेकिन, उनकी आस्था कभी रुकी नहीं, कभी डिग्गी नहीं, कभी झुकी नहीं। सत्ता चाहे किसी की भी रही हो, उसके खिलाफ संघर्ष जारी रही।
सीएम ने कहा कि इस आस्था को जिन लोगों ने अपमानित उसके खिलाफ आवाज उठाते रहे। आखिरकार, अयोध्या आज के इस रूप में हम सबके सामने है। गोविंद देव गिरी जी महाराज के शब्दों को सीएम ने दोहराया, यह केवल राम जन्म भूमि पर प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर ही नहीं है, भारत के राष्ट्र मंदिर का एक प्रतीक बन गया है। राम राज्य की आधारशिला भी हैं। यह भारत के अंदर देखने को मिलता है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2025 में 156 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिकता और धार्मिक स्थलों की यात्रा करने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलता भारत है। बदलता उत्तर प्रदेश है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति के साथ-साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे।







